कोलकाता सिटी

GRSE ने लॉन्च किया GAINS 2026 का चौथा संस्करण, AI और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर रहेगा जोर

कोलकाता : रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाली नवरत्न रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) लिमिटेड ने तकनीक आधारित जहाज निर्माण प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रमुख इनोवेशन पहल ‘GRSE Accelerated Innovation Nurturing Scheme’ (GAINS) 2026 का चौथा संस्करण लॉन्च किया है। इसका शुभारंभ 22 अगस्त को किया गया। इस पहल के जरिए स्टार्ट-अप, MSME, एकेडेमिया और इनोवेटर्स को जहाज निर्माण क्षेत्र की चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार रहे मुख्य अतिथि

GAINS 2026 के लॉन्च कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में GRSE के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से और हाइब्रिड माध्यम से भागीदारी की। संजीव कुमार ने GAINS के जरिए GRSE की ओर से AI और नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि GAINS का मॉडल अपने दृष्टिकोण में व्यापक है और देश के युवा स्टार्ट-अप्स के साथ-साथ IITs सहित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी इससे जोड़ रहा है।

2023 में शुरू हुई थी GAINS पहल

GAINS की शुरुआत वर्ष 2023 में एक राष्ट्रीय ओपन इनोवेशन चैलेंज के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य जहाज डिजाइन और निर्माण से जुड़ी मौजूदा और उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए भारत के स्टार्ट-अप, MSME और अकादमिक इकोसिस्टम की क्षमताओं का इस्तेमाल करना है। पिछले तीन संस्करणों में यह पहल देश के स्थापित जहाज निर्माण विशेषज्ञों और उभरती तकनीकी क्षमताओं के बीच सहयोग का एक मंच बन चुकी है। वर्ष 2024 में इस पहल के तहत 66 प्रस्ताव मिले थे, जबकि 2025 में भारतीय इनोवेटर्स की ओर से 100 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे देश के स्टार्ट-अप, MSME और इनोवेशन इकोसिस्टम में GAINS की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मिलता है।

इन क्षेत्रों में विकसित किए गए समाधान

GAINS के पिछले संस्करणों में कई महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों पर काम किया गया। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, रिन्यूएबल और ग्रीन एनर्जी, एनर्जी एफिशिएंसी तथा जहाज निर्माण प्रक्रियाओं में तकनीकी सुधार शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से GRSE को इनोवेटर्स के साथ मिलकर नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों की पहचान करने में मदद मिली है। इससे जहाज निर्माण की क्षमताओं को बेहतर बनाने और उत्पादन प्रक्रियाओं में तकनीकी बदलाव लाने के अवसर भी मिले हैं।

पिछले तीन संस्करणों के विजेता

GAINS के तीनों संस्करणों में कई इनोवेटर्स को उनके समाधान के लिए विजेता के रूप में मान्यता दी गई।

  • GAINS 2023: M/s Bodkin Technologies Pvt. Ltd. और M/s Smart Machine and Structures विजेता रहे।

  • GAINS 2024: IIT Guwahati Technology Innovation and Development Foundation (MSME) और M/s Cloudmetica Technologies (Start-up) को विजेता चुना गया।

  • GAINS 2025: M/s Widedrop Technologies और M/s Cloudmetica Technologies विजेता बने।

AI, ग्रीन एनर्जी और ऑटोमेशन पर फोकस

GAINS 2026 के चौथे संस्करण में मुख्य रूप से AI, रिन्यूएबल एवं ग्रीन एनर्जी, एनर्जी एफिशिएंसी, ऑटोमेशन और समग्र कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े समाधान विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्टार्ट-अप्स, MSMEs, शिक्षण संस्थानों और इनोवेटर्स को जहाज निर्माण की नई जरूरतों के अनुरूप तेजी से लागू किए जा सकने वाले नवाचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। GRSE का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार और तकनीकी रूप से उन्नत शिपयार्ड तैयार करना है।

आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

GAINS 2026 भारत सरकार के स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने और स्टार्ट-अप्स तथा MSMEs की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों के अनुरूप है। इस पहल के जरिए तकनीकी रूप से उन्नत, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय जहाज निर्माण उद्योग के विकास में योगदान देने की कोशिश की जा रही है। चैलेंज और भागीदारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी GRSE की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

कमोडोर पीआर हरि ने जताया भरोसा

GRSE के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कमोडोर पीआर हरि, IN (रिटायर्ड) ने स्वागत भाषण में GAINS की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि हमारे स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की मजबूत क्षमताओं का लाभ उठाने की शिपयार्ड की यह पहल बहुत सफल रही है और GAINS का यह चौथा एडिशन भी उतना ही फायदेमंद होगा।”

नवरत्न का दर्जा मिलने के बाद नया पड़ाव

GAINS 2026 का लॉन्च GRSE के लिए ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 19 जून 2026 को GRSE को नवरत्न का दर्जा प्रदान किया गया था। यह कंपनी के विकास, प्रदर्शन और रक्षा क्षेत्र में योगदान को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। नवरत्न का दर्जा मिलने से GRSE को रणनीतिक निवेश करने, उन्नत क्षमताएं विकसित करने और व्यापक औद्योगिक एवं इनोवेशन इकोसिस्टम के साथ अपनी भागीदारी मजबूत करने के अधिक अवसर मिलेंगे।

SCROLL FOR NEXT