सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बड़ाबाजार के सोना कारोबारियों और हवाला कारोबार से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के काम करने के तरीके ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य नकद में सोना खरीदने का प्रस्ताव देकर कारोबारियों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद सड़क पर ही सोने की डिलीवरी लेकर बैग में रखी नोटों की गड्डियां दिखाते और भुगतान का भरोसा दिलाकर फरार हो जाते थे। कारोबारी जब अपने कार्यालय पहुंचकर गड्डियों की जांच करते, तब उन्हें ठगी का पता चलता था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि गिरोह ने कोलकाता के बड़ाबाजार के अलावा अगरतला, गुवाहाटी, दिल्ली और भुवनेश्वर में भी सोना कारोबारियों तथा हवाला कारोबार से जुड़े लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग शहरों में हुई कथित वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है या नहीं।
20 लाख की गड्डी में सिर्फ 4 हजार रुपये असली
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ऐसी गड्डियां तैयार कर रखी थीं, जिन्हें पहली नजर में असली नकदी समझा जा सकता था। गड्डी के ऊपर और नीचे 500 रुपये के असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में नोट के आकार में काटे गए सफेद कागज भरे होते थे। गड्डियों को असली दिखाने के लिए उन पर निजी बैंक के नाम वाले लेबल भी लगाए जाते थे। बड़ाबाजार थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर स्ट्रैंड रोड और मीरबहेर घाट स्ट्रीट क्रॉसिंग के पास से विजयपाल तंवर उर्फ अरविंद (23) और शिवा थापा (24) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, विजयपाल के बैग से चार ऐसी गड्डियां मिलीं, जिनकी दर्शाई गई कुल कीमत 20 लाख रुपये थी। हालांकि, उनमें केवल 4,000 रुपये के असली नोट थे।
पूछताछ के बाद हावड़ा से दो और गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हावड़ा से सुनील कुमार वर्मा (47) और गोपाल गुज्जर (24) को भी गिरफ्तार किया। उनके पास से एक प्रिंटर, पेपर कटर, सादा बॉण्ड पेपर के दो बॉक्स, सेलोटेप मशीन, कैंची और स्याही के कार्टिज बरामद किए गए। पुलिस को संदेह है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल ठगी में इस्तेमाल होने वाली नकली नोटों जैसी गड्डियां तैयार करने के लिए किया जाता था। हालांकि, बरामद सामग्री की भूमिका और दूसरे मामलों से उसके संबंध की जांच अभी जारी है।
बड़ाबाजार के कारोबारियों को सतर्क रहने की जरूरत
बड़ाबाजार कोलकाता का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां सोने और अन्य कीमती वस्तुओं का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। पुलिस की जांच में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि गिरोह ने कारोबारियों के बीच नकद लेन-देन की प्रक्रिया का फायदा उठाकर किस तरह वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस अब गिरोह के कथित सरगना की तलाश कर रही है। अन्य राज्यों की पुलिस से भी आरोपियों के बारे में जानकारी मांगी गई है, ताकि दूसरे शहरों में हुई संभावित वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान गिरोह के नेटवर्क, कथित सरगना और अन्य संभावित पीड़ित कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।