गंगासागर स्थित कपिलमुनि मंदिर की तस्वीर 
कोलकाता सिटी

गंगासागर मेले को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य सरकार गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि दुर्गापूजा पश्चिम बंगाल को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का सबसे बड़ा अवसर है। उन्होंने बताया कि जगद्धात्री पूजा, तारकेश्वर मेला, बारुणी मेला, रास मेला और जल्पेश मेले जैसे पारंपरिक आयोजनों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल की जाएगी। राज्य सरकार "दुर्गापूजा : एक वैश्विक उत्सव, बंगाल की शाश्वत भावना" थीम के तहत व्यापक पर्यटन ब्रांडिंग अभियान शुरू करेगी। इसके माध्यम से थीम आधारित पंडालों, पारंपरिक अनुष्ठानों, कला, संगीत और बंगाल की सांस्कृतिक विविधता का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

मैंग्रोव संरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपये

सुंदरवन क्षेत्र में मैंग्रोव वनों के विस्तार और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

मुरीगंगा सेतु निर्माण को गति

सागरद्वीप तक बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने के लिए सरकार सड़क अवसंरचना को उन्नत करने की योजना पर काम कर रही है। मुरीगंगा सेतु परियोजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्लांट एवं मशीनरी की व्यवस्था तथा भूमि अधिग्रहण के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

सुंदरवन में जल परिवहन होगा मजबूत

सुंदरवन के 104 द्वीपों में से 54 द्वीप आबाद हैं। इन क्षेत्रों में जल परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण अनुकूल सौर ऊर्जा चालित वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है।

1353 करोड़ रुपये का अपर डेल्टा सुंदरवन प्रोजेक्ट

एशियन विकास बैंक (ADB) की सहायता से 1353 करोड़ रुपये की लागत से अपर डेल्टा सुंदरवन प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। परियोजना के तहत नदी ड्रेजिंग, जलमार्गों का पुनर्संयोजन तथा इच्छामती और हुगली नदी के क्षतिग्रस्त तटबंधों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा।

विश्व बैंक की मदद से शुरू होगा SHORE प्रोजेक्ट

तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से 4100 करोड़ रुपये की लागत वाला SHORE प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के तहत तटबंधों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे तटीय क्षेत्रों को प्राकृतिक आपदाओं से बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।

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