कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के ऐतिहासिक 'मेट्रोपॉलिटन' भवन को लेकर लंबे समय से जारी राजनीतिक और कानूनी खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगस्त के पहले सप्ताह से ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट इसी भवन से अपने संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यों का संचालन शुरू करेगा।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी गुट के साथ भवन का पुराना अनुबंध समाप्त होने के बाद मकान मालिक ने ऋतब्रत गुट के साथ नया समझौता कर लिया है। इससे भवन पर इस गुट का नियंत्रण लगभग तय माना जा रहा है।
तृणमूल (ऋतब्रत गुट) के मुख्य प्रवक्ता प्रसून बनर्जी ने बताया कि बुधवार को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 'मेट्रोपॉलिटन' भवन पहुंचा और अंतिम निरीक्षण किया। उनके अनुसार, भवन में आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया गया है तथा उद्घाटन के लिए शुभ तिथि तय की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगस्त की शुरुआत से पार्टी का पूरा संगठनात्मक कामकाज यहीं से संचालित होगा।
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस में विभाजन के बाद इस भवन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर ममता बनर्जी तथा ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष इसे पार्टी का वैध केंद्रीय कार्यालय बताते रहे हैं।
ऐसे में भवन के नए अनुबंध और ऋतब्रत गुट के संभावित प्रवेश को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अगस्त से ऋतब्रत गुट वास्तव में यहां से कामकाज शुरू करता है, तो यह केवल कार्यालय परिवर्तन नहीं, बल्कि पार्टी पर दावे की लड़ाई में उसके लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक और राजनीतिक संदेश होगा।