कोलकाता : कोयला तस्करी मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार बुदबुद थाने के पूर्व प्रभारी मनोरंजन मंडल को शुक्रवार को कोलकाता की सिटी सेशन कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सुदीप्त कुमार दे की अदालत में हुई, जहां ईडी और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। ईडी की ओर से अधिवक्ता भास्कर प्रसाद बनर्जी ने कहा कि यह मामला कोयला तस्करी से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट और गहरी साजिश से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नेटवर्क के तहत अवैध रूप से ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जाता था और आरोपी इस पूरे तंत्र से जुड़े हुए थे। ईडी के अनुसार, जांच में दो सिंडिकेट के सक्रिय होने की जानकारी मिली है तथा अब तक 47 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इनमें से सात मामलों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि डिजिटल साक्ष्यों, विशेषकर व्हाट्सएप चैट से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच में करीब सात करोड़ रुपये के संदिग्ध और अवैध वित्तीय लेन-देन का भी खुलासा हुआ है। ईडी ने अदालत से आरोपी को रिमांड पर लेने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए जमानत की याचिका दायर की। उन्होंने दलील दी कि आरोपी एक सरकारी पदाधिकारी रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है। बचाव पक्ष ने उन्हें ‘डिवीजन-1 कैदी’ का दर्जा देने की भी मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मनोरंजन मंडल को 25 जून तक ईडी की हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।