कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच सोमवार को विधानसभा में हुई कई अहम मुलाकातों ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। कोलकाता नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे फिरहाद हकीम ने नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बंद्योपाध्याय से उनके कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान विधायक संदीपन साहा भी मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, ऋतब्रत के कक्ष में करीब एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत चली। बैठक के बाद विधानसभा लॉबी में फिरहाद की मुलाकात तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष और वरिष्ठ नेता अशोक देव से हुई। कुछ देर बाद मंत्री एवं भाजपा विधायक तापस रॉय भी वहां पहुंचे और विभिन्न नेताओं से अलग-अलग बातचीत की।
विधानसभा परिसर में लगातार हुई इन बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज कर दिया। हालांकि फिरहाद हाकिम ने इन कयासों को खारिज करते हुए कहा कि वह सहयोगियों से मुलाकात और सामान्य बातचीत के लिए विधानसभा आए थे। उन्होंने बताया कि ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और कुणाल घोष दोनों के साथ उनकी सकारात्मक चर्चा हुई।
विधानसभा से निकलने से पहले फिरहाद ने कहा, “मैं चाहता हूं कि सभी एक साथ रहें। पार्टी और संगठन के हित में एकजुटता बनाए रखना बेहद जरूरी है।” उनके इस बयान को तृणमूल के भीतर उभरे मतभेदों को कम करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम को महज औपचारिक मुलाकातों तक सीमित मानना जल्दबाजी होगी।