कोलकाता : फरक्का में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान माइक्रो ऑब्जर्वर पर हुए कथित हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव पैदा कर दिया है। इस घटना को गंभीर बताते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का ध्यान फरक्का की घटना की ओर आकर्षित करते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं बल्कि राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर आरोप लगाया कि संवैधानिक ड्यूटी पर तैनात चुनाव अधिकारियों को न तो पुलिस सुरक्षा दी गई और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। विपक्ष के नेता ने दावा किया कि हमले में दो माइक्रो ऑब्जर्वर गंभीर रूप से घायल हुए, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर आशंकित अधिकारियों ने सामूहिक रूप से एसआईआर ड्यूटी से हटने का फैसला लिया। शुभेंदु ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य महा जंगलराज में तब्दील हो चुका है, जहां अब चुनाव से जुड़े अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और अनुच्छेद 324 के तहत केंद्रीय बलों की तैनाती कर एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया।