नदी तट पर खड़ी ट्रॉलर की तस्वीर 
कोलकाता सिटी

फिशिंग पर बैन में सख्ती की मांग, मछुआरा संगठनों ने उठायी आवाज

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिण 24 परगना : हर साल की तरह 15 अप्रैल से 14 जून तक समुद्र में फिशिंग पर बैन की अवधि शुरू होती है लेकिन इस दौरान भी कई लोग निगरानी से बचकर मछली पकड़ते हैं। हर साल इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं। इसी कारण इस बार मछुआरा संगठनों ने बैन अवधि के दौरान कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग उठायी है। उनका कहना है कि इस अवधि में मछली पकड़ना पूरी तरह बंद करने के लिए सभी को आगे आना होगा। हर साल इस समय पर्याप्त निगरानी के अभाव में छोटी मछलियां भी पकड़ी जाती हैं। मछुआरा संगठनों का आरोप है कि इस निगरानी में प्रशासन की लापरवाही रहती है। इस संबंध में मछुआरा संगठन की ओर से विजन माइती ने कहा कि यदि कानून का सही तरीके से पालन नहीं होगा, तो यह काम जारी रहेगा। इससे कई मछुआरे नुकसान उठाते हैं लेकिन अगर सख्त निगरानी हो, तो इसे रोका जा सकता है। यह पता लगाना होगा कि ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं, वरना जो मछुआरे बैन अवधि का पालन कर रहे हैं, उन्हें नुकसान होता है। प्रशासन को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए। प्रशासन की ओर से बार-बार बैठक कर मछुआरों को छोटी मछलियां नहीं पकड़ने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद यदि कोई प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मांग मछुआरा संगठनों ने की है। इस संदर्भ में मछुआरा संगठन की ओर से आलोक हलदार ने कहा कि यदि बैन अवधि का पालन नहीं किया गया, तो भविष्य में मछलियां उपलब्ध नहीं होंगी। इस दौरान सरकारी कानून का उल्लंघन करने पर नाव जब्त की जा सकती है, साथ ही जेल और जुर्माना भी हो सकता है लेकिन इसके लिए निगरानी बेहद जरूरी है।


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