सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : चुंचुड़ा कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रिन्टू सुर ने पांच वर्षीय मासूम बेटी की हत्या कर उसके शव को छिपाने के मामले में जूट मिल श्रमिक रवि शंकर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी रवि शंकर मोगरा थाना क्षेत्र के चक बांसबेड़िया निमतला इलाके का निवासी है। यह हृदयविदारक घटना 5 अक्टूबर 2016 की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रवि शंकर रोज की तरह जूट मिल से काम कर घर लौटा था। उस समय उसकी पांच वर्षीय बेटी भूख के कारण रो रही थी। बच्ची की रोने की आवाज से झुंझलाकर आरोपी ने गुस्से में उसे जोरदार थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ इतना जोरदार था कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी घबरा गया और अपने अपराध को छिपाने के इरादे से बच्ची के शव को घर के पास स्थित एक बंद पड़े कारखाने में ले जाकर दफना दिया। जब काफी समय तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों और पड़ोसियों को शक हुआ। बाद में पड़ोसियों ने मोगरा थाने में बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बंद कारखाने से बच्ची का शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह पेश किए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से इलाके में सनसनी फैल गई है।