कोलकाता : विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने मंगलवार को मेयो रोड पर आयोजित समानांतर शहीद दिवस सभा से बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग तृणमूल कांग्रेस के नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी फंड पर उनके गुट के दावे को मान्यता देता है, तो पार्टी की पहली राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में 21 जुलाई 1993 के 13 शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को प्रति माह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
ऋतब्रत ने कहा कि यह राशि पार्टी फंड से दी जाएगी और इसकी वित्तीय व्यवस्था पहले ही तय कर ली गई है। सभा को संबोधित करते हुए ऋतब्रत ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद गठित न्यायमूर्ति सुशांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट को तत्कालीन तृणमूल सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया।
उनके अनुसार, आयोग ने शहीदों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की थी, लेकिन वास्तविकता में क्रमशः केवल 2 लाख और 15 हजार रुपये दिए गए। ऋतब्रत ने सवाल उठाया कि आयोग की रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
ऋतब्रत ने मांग की कि आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी पात्र परिवारों को पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही आरोप लगाया कि शहीद दिवस का वर्षों तक राजनीतिक इस्तेमाल किया गया, जबकि शहीद परिवारों को उनका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिला।