विधाननगर : सॉल्टलेक के बीएफ ब्लॉक पार्क में अवैध रूप से चल रहे एक हाई-प्रोफाइल योगा सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। आरोप है कि स्थानीय पार्षद सब्यसाची दत्ता के संरक्षण में पार्क के एक हिस्से पर कब्जा कर वहां एसी स्टूडियो बनाया गया था। इस मामले में खुद को डॉक्टर बताकर लोगों से मोटी फीस वसूलने वाले एक फर्जी चिकित्सक को भी रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस घटना के बाद से पूरे सॉल्टलेक इलाके में हड़कंप मच गया है।
विधायक ने रंगे हाथों पकड़ा, फर्जीवाड़ा कबूला
स्थानीय निवासियों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शारद्वत मुखोपाध्याय अचानक मौके पर पहुंचे। उन्होंने योगा सेंटर के संचालक राजन्या गुप्ता को दबोच लिया, जो अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लिखकर लोगों का इलाज और योग प्रशिक्षण दे रहा था। विधायक द्वारा कड़ी पूछताछ की जाने पर आरोपित राजन्या गुप्ता ने कैमरे और जनता के सामने कबूल किया कि उसके पास चिकित्सा की कोई वैध डिग्री नहीं है और वह डॉक्टर नहीं है। इसके बावजूद वह विज्ञापनों और लीफलेट्स में धड़ल्ले से अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लिखकर लोगों को गुमराह कर रहा था और उनसे मोटी रकम ऐंठ रहा था।
पार्षद सब्यसाची दत्ता पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में स्थानीय तृणमूल पार्षद सब्यसाची दत्ता की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि पार्षद सब्यसाची दत्ता ने बीएफ ब्लॉक के सार्वजनिक पार्क का एक हिस्सा एक निजी संस्था को अवैध रूप से बेच दिया था। अवैध रूप से बने इस एयर कंडीशन योगा स्टूडियो से होने वाली मोटी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सीधे पार्षद तक पहुंचता था, जिसके बदले इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था।
इस घटना को लेकर विधायक शारद्वत मुखोपाध्याय ने कहा कि सार्वजनिक पार्क की जमीन पर इस तरह का अवैध निर्माण और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अवैध निर्माण को ढहाया जाएगा और फर्जी डॉक्टर व उसके मददगारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। विधायक मुखोपाध्याय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिधाननगर नगर निगम और स्थानीय पुलिस को तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि पार्क से अवैध निर्माण को तुरंत हटाया जाए और फर्जी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस इस मामले में वित्तीय लेन-देन और पार्षद की भूमिका की जांच कर रही है।