कोलकाता सिटी

ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, 58 फर्जी कंपनियां जांच के दायरे में

फर्जी जीएसटी आईटीसी मामला

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े एक बड़े मामले में देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। यह मामला अरुणाचल प्रदेश में सामने आए करीब 658 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी लेन-देन से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही जांच का हिस्सा है।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि झारखंड, पश्चिम बंगाल और मणिपुर में इस घोटाले से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों के कई ठिकानों पर तलाशी ली गई। यह धन शोधन मामला ईटानगर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू किया गया है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि राकेश शर्मा और आशुतोष कुमार झा नामक व्यक्तियों ने बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी चालान (इनवॉइस) के जरिए धोखाधड़ी की और अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया।

जांच में ‘सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट्स’ नामक एक फर्जी कंपनी की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि इस कंपनी के जरिए 658.55 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी किए गए, जिसके आधार पर लगभग 99.31 करोड़ रुपये का अवैध आईटीसी लिया गया। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में फैली कुल 58 फर्जी कंपनियां भी ईडी की जांच के दायरे में लाई गई हैं, जिनका इस्तेमाल कर चोरी और धन शोधन के लिए किया गया।

मंगलवार सुबह ईडी ने कोलकाता के कई इलाकों में भी व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। सूत्रों के मुताबिक, ब्रेबोर्न रोड समेत शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में तलाशी ली गई। इस बार की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त नजर आई। ईडी अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र बलों को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। माना जा रहा है कि पूर्व में हुई घटनाओं से सबक लेते हुए एजेंसी ने अतिरिक्त सतर्कता बरती।

ईडी सूत्रों का कहना है कि जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनियां खोलकर नकली इनवॉइस के जरिए बड़े पैमाने पर कर चोरी की गई और अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया। इस मामले में कोलकाता के अलावा गुवाहाटी और सिक्किम में भी तलाशी अभियान चलाया गया है। एजेंसी द्वारा जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। अधिकारियों का संकेत है कि आने वाले दिनों में पूछताछ, संपत्ति जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई तेज की जा सकती है।

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