निर्वाचन आयोग प्र‌तिकात्मक तस्वीर
कोलकाता सिटी

SIR मामले में निर्वाचन आयोग ने AERO के खिलाफ कार्रवाई के दिए संकेत

निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित तार्किक विसंगतियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने के मामले में बागनान विधानसभा क्षेत्र के एईआरओ मौसम सरकार के खिलाफ संभावित कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

कोलकाताः निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित तार्किक विसंगतियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने के मामले में बागनान विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) मौसम सरकार के खिलाफ संभावित कार्रवाई के संकेत दिए हैं। बागनान ब्लॉक-2 के ब्लॉक आपदा प्रबंधन अधिकारी सरकार ने एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता जताई थी।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में संकेत दिया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, ‘मुझे अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही मैं उचित जवाब दूंगा।’

अनुशासनहीनता संबंधी कार्रवाई संभव

सीईओ कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि यदि सरकार को कोई शिकायत थी, तो उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इसे उठाना चाहिए था या उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से औपचारिक रूप से संपर्क करना चाहिए था। इसने कहा कि यह मामला अनुशासनहीनता, नियमों के उल्लंघन और संवैधानिक प्राधिकार का अनादर करने का है।

सीईओ कार्यालय ने कहा, ‘वह वर्तमान में निर्वाचन आयोग के कर्मचारी हैं और उनके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।’ वहीं, सरकार ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा, ‘जनहित में यह आवश्यक था। अन्य अधिकारियों को भी खुलकर बोलना चाहिए। अन्यथा, जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।’

मौसम सरकार ने पत्र लिखकर आरोप लगाये थे

दरअसल, आठ जनवरी को सरकार ने बागनान के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को पत्र लिखकर एईआरओ लॉग में तार्किक विसंगतियों का आरोप लगाया था और एईआरओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नाम की वर्तनी में पाई गई विसंगतियां 2002 से चली आ रही हैं और बाद में मतदाताओं ने स्वयं निवार्चन आयोग के नियमों के अनुसार फॉर्म 8 का उपयोग करके उन्हें ठीक कर लिया था। सरकार ने दावा किया कि उम्र संबंधी विसंगतियों के मामलों में भी इसी तरह के सुधार किए गए थे, जिसके कारण वर्तमान में सामने आ रही विसंगतियां उत्पन्न हुई हैं।

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