फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

सीबीआई अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 33 लाख की ठगी

पीड़ित वृद्ध ने चेतला थाने में दर्ज करायी शिकायत

कोलकाता : खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक 80 वर्षीय वृद्ध से 33 लाख रुपये की ठगी की गयी। आरोप है कि जालसाजों ने वृद्ध को कई दिनों तक घर में नजरबंद करके रखा था। बाद में पीड़ित वृद्ध ने चेतला थाने में शिकायत दर्ज करायी।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार संतोष रंजन पॉल एक सेवानिवृत्त कॉरपोरेट जनरल मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम प्रदीप सामंत बताते हुए खुद को दिल्ली का सीबीआई अधिकारी बताया। इसके बाद आरोपितों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित को जोड़ा, जिसमें 4-5 अन्य लोग भी शामिल थे। इनमें से कुछ पुलिस की खाकी वर्दी में, जबकि एक व्यक्ति जज की पोशाक में दिख रहा था। सभी ने खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए विश्वसनीयता बनाने की कोशिश की। ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेते हुए कहा कि उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है और सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ संज्ञान ले लिया है। विश्वास दिलाने के लिए आरोपितों ने सुप्रीम कोर्ट का कथित आदेश भी व्हाट्सएप पर भेजा, जिसमें पीड़ित का नाम और पता दर्ज था। साथ ही उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर ‘नजरबंद’ रखा गया और किसी से संपर्क करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

डर और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने 4 अप्रैल को अपने बंधन बैंक खाते से 22.50 लाख रुपये एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद 6 अप्रैल को उन्होंने अपने एसबीआई खाते से 10.50 लाख रुपये और भेज दिए। ठगों ने उनसे अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग भी की, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वे पैसे नहीं भेज सके। बाद में हिम्मत जुटाकर पीड़ित ने चेतला थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि यह एक सुनियोजित साइबर ठगी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपितों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के फर्जी कॉल और वीडियो कॉल से सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में अज्ञात व्यक्तियों को पैसे न भेजें।


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