दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पर्णश्री थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने वाला एक शातिर गिरोह सक्रिय हुआ है। रविवार की दोपहर करीब 12:42 बजे पर्णश्री के शकुंतला पार्क इलाके के निवासी मृगांक गांगुली (41) के साथ ''क्राइम ब्रांच पुलिस'' के नाम पर लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 17 अगस्त को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
''सुरक्षा'' का झांसा देकर रोकी गाड़ी
पीड़ित मृगांक गांगुली के अनुसार, वे रविवार दोपहर दवा खरीदने के लिए ''मुखर्जी मेडिकल'' जा रहे थे। शकुंतला पार्क पार कर बीरेन रॉय रोड पर स्थित भारत पेट्रोलियम पंप के पास दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोका और खुद को ''क्राइम ब्रांच'' का पुलिसकर्मी बताया। शुरुआत में पीड़ित ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा किया और बेनी मास्टर लेन में ''मुखर्जी मेडिकल हॉल'' के सामने उन्हें दोबारा रोक लिया।
गले पर चाकू मारने का दिखाया डर
आरोपियों ने फर्जी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाते हुए दावा किया कि इलाके में हाल ही में एक व्यक्ति की हत्या हुई है। बदमाशों ने डराते हुए कहा, "इतने सोने के गहने पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है, कोई आपके गले पर चाकू रखकर लूट सकता है। हम आपकी सुरक्षा के लिए कह रहे हैं, इन्हें उतारकर रख लीजिए।"
हाथ की सफाई से बैग से उड़ाए गहने
बदमाशों की बातों में आकर पीड़ित ने अपने हाथ की तीन सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और गणेश जी का लॉकेट उतार दिया। आरोपियों ने झांसा दिया कि वे गहनों को सुरक्षित एक प्लास्टिक की थैली में रखकर दे रहे हैं। इसके बाद वे पीड़ित को सीधे घर जाने की सलाह देकर मौके से फरार हो गए। घर पहुंचकर जब मृगांक गांगुली ने प्लास्टिक की थैली खोली, तो उसमें से सोने के सारे आभूषण गायब थे। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने पर्णश्री थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पर्णश्री थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही हैं ताकि फर्जी पुलिसकर्मियों की पहचान की जा सके।