कोलकाता: एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ना, लेकिन अपनी अलग पहचान को भी उतनी ही अहमियत देना। आज के रिश्तों में साथ की परिभाषा इसी सोच के साथ बदल रही है। इसी विचार को केंद्र में रखकर सन्मार्ग ग्रुप ने बुधवार को ‘सन्मार्ग सात वचन – करवा चौथ उत्सव 2026’ का आयोजन किया। SENNES द्वारा प्रस्तुत और आउटलुक इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड के सह-प्रायोजन में आयोजित यह कार्यक्रम कोलकाता के रूट्स में हुआ। ‘एक सफर, दो पहचान’ थीम पर आधारित इस शाम में उन जोड़ियों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, जिन्होंने अपने साझा सफर के साथ व्यक्तिगत पहचान भी बनाई है।
28 अक्टूबर की शाम का प्रमुख आकर्षण ‘सन्मार्ग पावर कपल अवॉर्ड 2026’ रहा, जिसमें पांच जोड़ियों को सम्मानित किया गया। संगीत और सिनेमा की दुनिया से जुड़े बिक्रम घोष और जया सील घोष से लेकर उद्यमिता के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले डॉट एंड की स्किनकेयर के सह-संस्थापक अनीशा और सुयश सराफ तक, सम्मानित जोड़ियों की पृष्ठभूमि अलग-अलग रही। इनके अलावा नतालिया गेरासिमोवा और मैक्सिम कोज्लोव, पॉलीन लारावोयर और मेघदूत रॉय चौधरी तथा शांतनु और तृप्ति गोयनका को भी सम्मान मिला। प्रतिष्ठित अतिथियों ने इन जोड़ियों को सम्मानित किया। इनमें निक्की और सिद्धार्थ सावनसुखा, रिचा शर्मा, सुमित बिनानी, रेखा दुग्गड़, सुमन जालान, मधु दुग्गड़, ज्योति और रमेश अग्रवाल तथा जोइता सेन शामिल रहे।
समारोह में भजन जामिंग ने आध्यात्मिकता और संगीत के जरिए करवा चौथ के पारंपरिक रंगों को खास बनाया। इस संगीतमय प्रस्तुति के लिए आमंत्रित प्रसिद्ध गायिका सुनीति दमानी ने मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के स्मरण से शुरू हुई इस प्रस्तुति में आगे लक्ष्मी-नारायण की आराधना और भगवान कृष्ण की भक्ति से जुड़े भजन शामिल रहे, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा।
संगीत और सम्मान के साथ कार्यक्रम में मनोरंजन और मेल-मिलाप के लिए भी जगह रही। इंटरैक्टिव गेम्स और तंबोला ने मेहमानों को उत्सव में शामिल होने का अवसर दिया, जबकि खान-पान के साथ हुई बातचीत ने शाम को मिलनसार रंग दिया। कार्यक्रम में उद्योग जगत से जुड़े लोगों की भारी संख्या में मौजूदगी रही। मेहमानों ने आयोजन की सराहना की और इसे लेकर अपनी खुशी जाहिर की।
सन्मार्ग ग्रुप के चेयरमैन विवेक गुप्ता और अध्यक्ष रुचिका गुप्ता ने कहा, “जीवनसाथी के साथ मिलकर किसी साझा लक्ष्य के लिए काम करना और समाज को कुछ लौटाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। जब काम और निजी जीवन एक ही सफर का हिस्सा बन जाएँ, तो यह और कठिन हो जाता है। इसी साझेदारी को सम्मान देने के विचार से हमने ‘सन्मार्ग सात वचन’ की शुरुआत की। सन्मार्ग और आध्यात्मिकता के इस जुड़ाव के लिए हम परमात्मा के प्रति आभार व्यक्त करना चाहते हैं।”
कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सन्मार्ग के सोशल मीडिया चैनलों पर अपलोड किए जाएंगे, जहां आयोजन की झलकियां देखी जा सकेंगी।