कोलकाता सिटी

ईडी का दावा : इंद्रनील सेन ने करीब ₹85 करोड़ के टेंडर सहयोगियों की कंपनियों को दिए

ईडी की जांच में कई खुलासे

Neha Singh

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को लेकर जांच में कई गंभीर दावे किए हैं। एजेंसी के अनुसार, सेन ने मंत्री रहते हुए ₹85 करोड़ से अधिक के कई टेंडर अपने करीबी सहयोगियों से जुड़ी संस्थाओं को दिए। ईडी का दावा है कि इन संस्थाओं ने बाद में बड़ी रकम सेन के रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को ट्रांसफर की।

जांच एजेंसी के अनुसार, टेंडर पाने वाली संस्थाओं से जुड़े ध्रुवज्योति बोस और दीपेश रॉय को सेन का करीबी सहयोगी बताया गया है। ईडी का दावा है कि इन संस्थाओं के बैंक खातों से भारी मात्रा में नकद निकासी भी हुई।

जांच में एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का उल्लेख करते हुए ईडी ने कहा कि सेन के स्वामित्व वाली कंपनी M/s Octave Records और उनसे जुड़े बैंक खातों में मंत्री रहते हुए ₹3.8 करोड़ से अधिक नकद जमा किए गए। एजेंसी के मुताबिक, Octave Records के खाते से करीब ₹30 लाख ममता बनर्जी के बैंक खाते में बैंकिंग माध्यम से भेजे गए। ईडी ने कहा कि पूछताछ के दौरान सेन ने इस भुगतान को “रॉयल्टी” बताया।

मामला MassArt Society से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है। ईडी के अनुसार, सेन की पत्नी मधुचंदा सेन और उनके सहयोगियों पर 2022 से 2025 के बीच दुर्गा पूजा के ‘Preview Shows’ के लिए जनता से पैसे लेने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि संस्था ने कथित तौर पर खुद को UNESCO-प्रायोजित संस्था के रूप में पेश किया और ‘Privileged Puja Entry’ के नाम पर पास बेचे।

ईडी के मुताबिक, 2023 और 2024 में ही एक लाख से अधिक टिकट बेचे गए। इन टिकटों की कीमत ₹1,749 से ₹5,499 के बीच थी और वे कोलकाता के 24 चयनित दुर्गा पूजा पंडालों के ‘Preview Shows’ के लिए थे। एजेंसी का आरोप है कि टिकटों से प्राप्त धन को नकद निकालने या ‘miscellaneous expenses’ के नाम पर खर्च दिखाकर कथित रूप से हड़प लिया गया।

जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि MassArt ने व्यावसायिक गतिविधियों के लिए UNESCO के नाम, लोगो और प्रतिष्ठा का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया।

ईडी ने मंगलवार को कोलकाता में सेन और उनके सहयोगियों से जुड़े 15 परिसरों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए। सेन से बुधवार को करीब साढ़े नौ घंटे पूछताछ हुई और उन्हें अगले सप्ताह फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

यह जांच बाउबाजार थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

गौरतलब है कि ऊपर दिए गए आरोप ईडी के दावे हैं। जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।

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