सोमवार की सुबह सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे अभिषेक बनर्जी Manvender Vashist Lav
कोलकाता सिटी

अभिषेक बनर्जी से ईडी की 11 घंटे पूछताछ

तृणमूल सांसद ने कहा, ‘‘ तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करना चाहती है भाजपा’’

कोलकाता : ईडी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित ‘कैश-फॉर-जॉब्स’ घोटाले के सिलसिले में करीब 11 घंटे तक मैराथन पूछताछ की। सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने बनर्जी से मुख्य रूप से 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी और उससे जुड़ी अन्य सहयोगी फर्मों के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल-जवाब किए। सोमवार सुबह ठीक 11 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच ईडी दफ्तर पहुंचे अभिषेक बनर्जी रात करीब 10 बजे बाहर निकले। वर्ष 2023 के बाद इस मामले में उनसे यह दूसरी बड़ी पूछताछ है। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय से बाहर आने के बाद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है और इसका एकमात्र उद्देश्य तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करना है। जिन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, उन्हें पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी है। हमने पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को नौकरियां दिलाने का प्रयास किया था।’’ बनर्जी ने आगे कहा कि उन्होंने जांच में एजेंसी का पूरा सहयोग किया है और भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर वे सहयोग के लिए तैयार हैं।

ईडी के राडार पर 'लीप्स एंड बाउंड्स' का 95 लाख का लेन-देन

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ईडी का दावा है कि इस कथित घोटाले से अर्जित 'अपराध की आय' को 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी के खातों में ट्रांसफर किया गया था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ईडी ने 'एसडी कंसल्टेंसी' के बैंक खातों की पड़ताल की। यह फर्म सुजय कृष्ण भद्र उर्फ 'कालीघाटेर काकू' की बताई जाती है, जो पहले लिप्स एंड बाउंड्स में कर्मचारी थे और बाद में इसके निदेशक बने। जांच एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी पूर्व में इस कंपनी के निदेशक रह चुके हैं, जिससे बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में उनके माता-पिता अमित बनर्जी और लता बनर्जी इस कंपनी में निदेशक के पद पर हैं।

ईडी के अनुसार, फरवरी 2020 से जनवरी 2021 के बीच 'एसडी कंसल्टेंसी' द्वारा 'लीप्स एंड बाउंड्स' को तीन किश्तों में कुल 95 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। अधिकारियों ने बनर्जी से इस राशि के 'कंसल्टेंसी शुल्क' होने के दावों और कंपनी में उनकी वास्तविक भूमिका पर तीखे सवाल पूछे। ईडी द्वारा अदालत में दाखिल चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि सुजय कृष्ण भद्र और अभिषेक बनर्जी के बीच नियमित फोन संपर्क था। एजेंसी को कुछ ऐसे व्यापारियों और मुखौटा कंपनियों के नाम भी मिले हैं, जिन्होंने इस कथित घोटाले की काली कमाई को सफेद करने या छिपाने में मदद की थी।

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