सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ईस्ट प्वाइंट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम, ईपीआईएलसी 2026 - ईस्ट प्वाइंट इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन बैंगलुरू में किया। इस रणनीतिक सम्मेलन में बैंकिंग, नेटवर्किंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों की शीर्ष वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी एक सशक्त एवं गंभीर विषय भविष्य के कार्यबल को आकार देने पर एक साथ नजर आए और अपने अनुभवों एवं विचारों को साझा किया ।
इस उद्योग-अकादमिक नेतृत्व सम्मेलन में शीर्ष उद्योग विशेषज्ञों के बीच स्थायी प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण, बदलते कार्यबल में संस्थानों की भूमिका विषय पर एक प्रभावशाली पैनल चर्चा हुई। पैनलिस्टों ने दीर्घकालिक भर्ती को आकार देने वाले संरचनात्मक परिवर्तनों पर गहन विचार-विमर्श किया और इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ सीखने की कुशलता और अनुकूलनशीलता भी अब महत्वपूर्ण कौशल बन गए हैं, जो आमूलचूल परिवर्तन का हिस्सा बन सकता है। जिससे न केवल व्यक्तिगत हित अपुति देशव्यापी हित को भी साधता है। उद्योग जगत के अग्रणी लोगों ने निरंतर पाठ्यक्रम समीक्षा और अधिक उद्योग-एकीकृत परियोजनाओं की मांग भी की।
उनका मुख्य संदेश यह था कि प्रतिभाओं की स्थायी आपूर्ति दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग से होती है, न कि एक बार के भर्ती अभियानों या पारंपरिक स्थापित नियमों से। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उभरती हुई तकनीक के लिए परिष्कृत नौकरियों की मांग को देखते हुए शिक्षा जगत को उद्योग जगत से कैसे तालमेल बिठाना चाहिए।
ईस्ट प्वाइंट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ राजीव गौड़ा ने कहा - ईपीआईएलसी 2026 को लीडरशिप
डायलॉग के रूप में तैयार किया गया था, न कि प्लेसमेंट फेयर के रूप में। तेजी से हो रहे तकनीकी विकास और कार्यबल की बदलती मांगों के बीच, एक संस्थान के रूप में हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक दुनिया की उद्योग चुनौतियों से सीधे जुड़ी हो। हम एक ऐसी प्रतिभाओं की श्रृंखला विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिस पर उद्योग अपना भरोसा साल- दर-साल लगातार कर सके।