e-KYC की समय सीमा बढ़ी 
कोलकाता सिटी

बंगाल में 87% घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का e-KYC पूरा

31 अगस्त तक बढ़ी e-KYC की समय सीमा

कोलकाता : राज्य में घरेलू एलपीजी कनेक्शनों के आधार-आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया में अब तक करीब 87 फीसदी कनेक्शन सत्यापित हो चुके हैं।

एलपीजी डीलरों के मुताबिक, अंतिम आंकड़ा 24 अगस्त को तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की ओर से डेटा संकलन पूरा होने के बाद सामने आएगा। राज्य में करीब 2.7 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं।

लंबी कतारों और तकनीकी दिक्कतों से बढ़ी परेशानी

ई-केवाईसी की प्रक्रिया के दौरान राज्य के कई एलपीजी वितरक केंद्रों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। कई लोगों को मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराने में तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा उपभोक्ताओं के नाम में बदलाव या सुधार से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे के बाद अनुपालन का प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है।

पहले ई-केवाईसी पूरी करने की अंतिम तारीख 16 अगस्त थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। अब प्रक्रिया के लिए समय सीमा 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, डीलरों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी ई-केवाईसी की सुविधा बंद नहीं होगी।

ई-केवाईसी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी

एलपीजी डीलरों के अनुसार, जो उपभोक्ता अब तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं, वे आगे भी अपना प्रमाणीकरण करा सकेंगे। एलपीजी डीलर्स के प्रवक्ता ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

ई-केवाईसी का उद्देश्य एलपीजी उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन कर वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है।

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