सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पिछले सप्ताह शहर में आयोजित रियल एस्टेट कन्वेंशन के बाद अब दुर्गापूजा के बाद कोलकाता एक बड़े ट्रैवल ट्रेड कन्वेंशन की मेजबानी करेगा। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) का 69वां कन्वेंशन 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होगा। इस वर्ष एसोसिएशन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से करीब 700 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें लगभग 100 प्रतिनिधि विदेश से आएंगे।
कन्वेंशन में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार को आमंत्रित किया गया है।
कई वर्षों बाद भारत में आयोजन
कई वर्षों के अंतराल के बाद टीएएआई इस बार अपने कन्वेंशन का आयोजन भारत में कर रहा है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने विदेशी मुद्रा की बचत के लिए विदेश यात्रा कम करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया था।
टीएएआई के पिछले तीन कन्वेंशन अबू धाबी, कोलंबो और सिंगापुर में आयोजित हुए थे। इससे पहले भारत में एसोसिएशन का कन्वेंशन वर्ष 2018 में श्रीनगर में हुआ था।
बी2बी बैठकों से लेकर तकनीकी उन्नयन तक पर जोर
तीन दिवसीय आयोजन के दौरान एयरलाइंस, ट्रैवल एजेंटों और होटल व्यवसायियों के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें होंगी। इसके साथ ही पर्यटन उद्योग में नई तकनीकों को अपनाने और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान आयोजित पुरस्कार समारोह में ट्रैवल उद्योग के वरिष्ठ सदस्यों और क्षेत्र के अग्रदूतों को सम्मानित किया जाएगा।
टीएएआई के क्षेत्रीय अध्यक्ष अंजनी धानुका ने कहा कि कन्वेंशन के दौरान होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ इसके बाद मिलने वाले अवसर भी कोलकाता और पश्चिम बंगाल के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने बताया कि टीएएआई का कोलकाता चैप्टर इस आयोजन के माध्यम से शहर को मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशन (एमआईसीई) के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ विदेशी पर्यटकों के बीच एक आकर्षक पर्यटन स्थल के तौर पर प्रचारित करेगा।
बंगाल के पर्यटन स्थलों से रूबरू होंगे प्रतिनिधि
कन्वेंशन में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को पश्चिम बंगाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इसके तहत पुरुलिया की अयोध्या पहाड़ियों, दीघा, सुंदरबन, दार्जिलिंग और मायापुर जैसे स्थलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य प्रतिनिधियों को राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी विविधता से परिचित कराना है, ताकि बंगाल के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिल सके।