कोलकाता : दक्षिण कोलकाता की प्रमुख दुर्गापूजाओं में शामिल अजेय संघति ने पंडाल परिसर में तीन क्लब पदाधिकारियों पर हुए हमले के बाद 48 घंटे तक रोका गया निर्माण कार्य फिर शुरू कर दिया है।
मंगलवार रात बेहला ईस्ट के भाजपा विधायक शंकर सिकदर के साथ हुई बैठक के बाद पूजा समिति ने यह निर्णय लिया। विधायक ने प्रशासन की ओर से सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने भी पंडाल परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रखने पर सहमति जताई।
बताया गया कि 27 सितंबर की देर रात अजेय संघति के पूजा परिसर में कथित हमला हुआ था। इसके बाद क्लब ने आरोपियों की पहचान और कार्रवाई होने तक इस वर्ष की पूजा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। इससे पूजा आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी।
बाद में स्थानीय लोगों के आग्रह और प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद समिति ने अपना फैसला वापस ले लिया। क्लब के सचिव पीयूष हलदर ने कहा कि पूजा की तैयारियों में क्लब सदस्य और कारीगर देर रात तक पंडाल में काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की उम्मीद जताई।
विधायक शंकर सिकदर ने कहा कि घटना का राजनीति से संबंध नहीं था और मामले से जुड़ी गलतफहमी दूर हो गई है। उन्होंने इस वर्ष अजेय संघति की पूजा को और बेहतर तरीके से आयोजित किए जाने की बात कही।
फिलहाल पंडाल में निर्माण और अंतिम चरण की डिजाइनिंग का काम जारी है। समिति ने पुलिस गश्त बढ़ाने तथा कलाकारों, कारीगरों, मजदूरों और स्वयंसेवकों की सुरक्षा की मांग की है।