कोलकाता : रवींद्र सरोवर स्थित लेक क्लब में शनिवार को चार वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर ड्रैगन बोट फेस्टिवल की रौनक लौट आई। कोलकाता के चीनी समुदाय और चीन के महावाणिज्य दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में 1,500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। चीन के महावाणिज्य दूत शू वेई ने म्यांमार, भूटान और ब्राजील के मानद महावाणिज्य दूतों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
चीनी पंचांग के पांचवें महीने के पांचवें दिन मनाया जाने वाला यह विश्व के सबसे प्राचीन पारंपरिक उत्सवों में से एक है। कूटनीतिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण पिछले चार वर्षों से इसका आयोजन नहीं हो सका था। इस बार इसकी वापसी ने कोलकाता के चीनी समुदाय में नया उत्साह भर दिया। उत्सव का मुख्य आकर्षण ड्रैगन बोट रेस रही।
ड्रैगन के सिर और पूंछ की आकृति वाली लंबी नौकाओं में सात-सात सदस्यीय टीमों ने झील में रोमांचक मुकाबला किया। चीनी मूल के युवाओं के साथ भारतीय युवाओं की भागीदारी ने सांस्कृतिक सौहार्द और भारत-चीन मैत्री का संदेश दिया। इसके अलावा शेर नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक चीनी व्यंजन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
कोलकाता के चीनी समुदाय की प्रतिनिधि मोनिका लियू ने बताया कि शहर में पहला ड्रैगन बोट फेस्टिवल 2015 में आयोजित किया गया था। वर्ष 2017 में चीन से पांच ड्रैगन बोट उपहार स्वरूप मिलने के बाद यह आयोजन और भव्य हो गया।
महावाणिज्य दूत शू वेई ने कहा कि भारतीय और चीनी युवाओं को एक साथ नाव चलाते देखना दोनों देशों की मित्रता, सांस्कृतिक विविधता और साझा विरासत का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में इस उत्सव में और अधिक लोग शामिल होंगे।