सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता जोनल कार्यालय के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के कई शहरों में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह छापेमारी कोलकाता, हावड़ा, सिलीगुड़ी और दुर्गापुर में कुल 16 ठिकानों पर की गई। यह कार्रवाई M/s Technosolis Informatics Limited सहित अन्य के खिलाफ की गई।
छापेमारी के दौरान ED ने करीब ₹2.5 करोड़ की एफडी, सोने के सिक्के और क्रिप्टोकरेंसी जब्त की। इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए। जांच में ₹20 करोड़ से अधिक की अचल संपत्तियों—जमीन, होटल और रिसॉर्ट—की पहचान की गई है, जिन्हें कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित किया गया था।
कार्रवाई के दौरान 2 बांग्लादेशी पासपोर्ट और 4 लग्जरी गाड़ियां (जिनमें एक मर्सिडीज भी शामिल है) जब्त की गईं। सिलीगुड़ी के एक ठिकाने से 88 शराब की बोतलें भी मिलीं, जिन्हें पश्चिम बंगाल आबकारी विभाग को सौंप दिया गया। यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के प्रयास के तहत उठाया गया।
इस मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज FIR से हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे, जो मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी करते थे। वे तकनीकी सहायता या अन्य सेवाओं के नाम पर विदेशी नागरिकों को ठगते थे और इस तरह अवैध रूप से धन अर्जित करते थे।
ED की PMLA जांच में खुलासा हुआ कि इस अवैध कमाई को कई बैंक खातों के माध्यम से भारत में ट्रांसफर किया जाता था। ये खाते M/s Technosolis Informatics Limited और उससे जुड़ी कंपनियों के नाम पर संचालित किए जा रहे थे। इन खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और ED अन्य जुड़े लोगों व अंतरराष्ट्रीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।