कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके अचानक इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ विपक्षी नेताओं का मानना है कि इसके पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति हो सकती है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने खड़गपुर में इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की कई राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सीवी आनंद बोस का इस्तीफा धनखड़ स्टाइल में दिया गया है और इसे राष्ट्रपति को भेज दिया गया है। दिलीप घोष ने संभावित नए राज्यपाल आर.एन. रवि का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर वे पश्चिम बंगाल के नए गवर्नर के रूप में पदभार संभालते हैं तो भाजपा उनका स्वागत करेगी। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई अनुभवी आईपीएस अधिकारी राज्यपाल बनता है, तो इससे प्रशासनिक सख्ती और सुधार की उम्मीद की जा सकती है। केंद्र-राज्य टकराव के मुद्दे पर दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमें मुख्यमंत्री से हर बात पर बात करने की क्या जरूरत है? क्या वे मालिक हैं? वे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और यहां तक कि राष्ट्रपति की भी आलोचना करती हैं, तो उनसे अलग से बातचीत का क्या मतलब है।