मंगलवार की दोपहर नजीराबाद में आग बुझाते हुए दमकल कर्मी 
कोलकाता सिटी

नजीराबाद के गोदामों में भीषण आग, 8 की मौत, कई लापता

पुलिस ने दर्ज की दो एफआईआर

कोलकाता : नरेन्द्रपुर थानांतर्गत नजीराबाद स्थित एक डेकोरेटर्स और फूड डिलीवरी कंपनी के गोदामों में रविवार रात करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। 36 घंटे बीत जाने के बावजूद मंगलवार दोपहर तक धीमी आग जल रही थी और धुआं निकल रहा था। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कम से कम 14 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों के शरीर इतने झुलसे हुए हैं कि पहचनना मुश्किल हो गया है। शवों के अवशेष फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस अग्निकांड के सिलसिले में पुलिस ने अब तक दो एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार डीएनए जांच के बाद ही मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे।

क्या है पूरा मामला

स्थानीय सूत्रों के अनुसार रविवार की देर रात 3 बजे के करीब डेकोरेटर्स गोदाम में भयावह आग लग गयी। उस वक्त करीब 30 लोग गोदाम में मौजूद थे। आरोप है कि आग लगने के बाद कई लोग बाहर भागे जबकि कई अंदर फंसने के कारण झुलस गये। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वह तेजी से आसपास के गोदामों में फैलती चली गयी। स्थानीय लोगों से घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी आग को नियंत्रित करने में जुट गए। हालांकि, आग की तीव्रता इतना अधिक थी घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। समय बीतने के साथ ही इलाके में चिंता बढ़ती जा रही थी। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डेकोरेटर्स गोदाम का अधिकतर हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। आग लगने के बाद दमकल विभाग ने 12 इंजनों को मौके पर भेजा लेकिन सोमवार रात तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। मंगलवार की सुबह भी मलबों से काला धुआं उठता देखा गया। इस बीच मंगलवार की दोपहर राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस, मंत्री फिरहाद हकीम और डीजी फायर रणवीर ने घटनास्थल का दौरा किया। मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बात कि भी जांच की जांच रही है कि गोदाम का फायर ऑडिट हुआ था या नहीं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक नमूने एकत्र कर अपने साथ ले गई। डीजी फायर रणबीर कुमार ने बताया कि गोदाम में अग्निशमन व्यवस्था के लिए कोई अनुमति या क्लियरेंस नहीं था। इस संबंध में शिकायत दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से कोई चूक हुई हो तो उसकी जांच की जाएगी। प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है।

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