सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता से विदेश जाने वाले पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरने के कुछ ही दिनों बाद, थाईलैंड के एक फैसले ने बंगाल के ट्रैवल इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश ने कोलकाता से आने वाले यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और अनिवार्य हेल्थ डिक्लेरेशन लागू कर दिया है, जिससे ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स में चिंता बढ़ गई है।
थाईलैंड के साथ-साथ नेपाल ने भी हवाई अड्डों और जमीनी प्रवेश बिंदुओं पर निपाह वायरस को लेकर स्क्रीनिंग शुरू की है, जबकि कोलकाता एयरपोर्ट पर फिलहाल ऐसा कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं है। कोविड काल की याद दिलाने वाले इन कदमों ने आउटबाउंड टूरिज्म की धारणा को लेकर आशंका बढ़ा दी है।
कोलकाता एयरपोर्ट के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा, “स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोई नया दिशा-निर्देश नहीं मिला है, इसलिए भारत में आने या जाने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है। हालांकि यह सच है कि कुछ एशियाई देशों ने इस सप्ताह से स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।”
थाईलैंड के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार तक कोलकाता से पहुंचे 1,700 से अधिक यात्रियों की निपाह वायरस के लिए जांच की गई है और सभी रिपोर्ट निगेटिव रही हैं। एहतियातन तीन अस्पतालों को आइसोलेशन सुविधा और विशेष मेडिकल टीम तैयार रखने को कहा गया है। सुवर्णभूमि, डॉन मुआंग और फुकेत एयरपोर्ट पर सोमवार से स्क्रीनिंग लागू है, जहां कोलकाता क्षेत्र से रोज़ाना औसतन 700 यात्री पहुंचते हैं।
यात्रियों की जेट ब्रिज एरिया में स्थापित विशेष स्क्रीनिंग स्टेशनों पर तापमान जांच की जा रही है और उन्हें हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया है।
यह सतर्कता पश्चिम बंगाल में इस महीने की शुरुआत में दो नर्सों के निपाह संक्रमित पाए जाने की खबरों के बाद बढ़ी है, जिनमें से एक अभी कोमा में है। भारत के बाहर अब तक निपाह का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन कई देश निगरानी कड़ी कर रहे हैं। नेपाल ने काठमांडू एयरपोर्ट और भारत से सटे जमीनी बॉर्डर्स पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है, जबकि ताइवान निपाह को “कैटेगरी-5 बीमारी” में शामिल करने पर विचार कर रहा है।
कोलकाता से थाईलैंड के लिए हर हफ्ते 40 से अधिक सीधी उड़ानें संचालित होती हैं और नेपाल के लिए भी सीधी एयर कनेक्टिविटी है। ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईस्ट) के चेयरमैन अनिल पंजाबी ने कहा, “भारत में न तो कोई डर की स्थिति है और न ही कोई नया दिशा-निर्देश, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही स्क्रीनिंग से यहां की स्थिति को लेकर पर्यटक घबरा रहे हैं। हमारे कुछ सदस्य जो बैंकॉक घूमने गए थे, उन्हें भी सोमवार को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ा।”