कोलकाता : साइबर अपराधियों ने अब लोगों को ठगने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, जालसाज खुद को CBI, आयकर विभाग, प्रवर्तन एजेंसियों या अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का प्रतिनिधि बताकर फोन और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराते-धमकाते हैं।
कई मामलों में वे फर्जी दस्तावेज, गिरफ्तारी वारंट और जांच से जुड़े कागजात दिखाकर पीड़ितों को अपने झांसे में लेते हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
साइबर जांच अधिकारियों के मुताबिक, ठग पहले पीड़ित को बताते हैं कि उसके नाम से कोई संदिग्ध पार्सल, बैंक खाता या वित्तीय लेनदेन मिला है। इसके बाद वे दावा करते हैं कि मामला मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर अपराध या अन्य गंभीर अपराध से जुड़ा है।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ितों को लगातार वीडियो कॉल पर रखा जाता है और उनसे बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट तथा अन्य वित्तीय जानकारियां हासिल कर ली जाती हैं। कई मामलों में लोगों से यह कहकर रकम ट्रांसफर कराई जाती है कि धनराशि की "सरकारी जांच" के बाद वापस कर दी जाएगी।
'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर बनाया जा रहा दबाव
पुलिस का कहना है कि हाल के दिनों में "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी आई है। अपराधी खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, जांच एजेंसी के अधिकारी या न्यायिक अधिकारी बताकर पीड़ितों को घंटों तक ऑनलाइन निगरानी में रहने का निर्देश देते हैं।
विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक इस तरह की ठगी का अधिक शिकार हो रहे हैं, क्योंकि वे सरकारी संस्थानों के नाम और अधिकार का अधिक सम्मान करते हैं तथा डर के कारण बिना पुष्टि किए निर्देशों का पालन कर लेते हैं।
पुलिस की सलाह—पहचान की पुष्टि करें, किसी को न भेजें पैसे
कोलकाता पुलिस और साइबर अपराध जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी विभाग या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ कर किसी नागरिक से धनराशि जमा करने, बैंक खाते की जानकारी देने या "सुरक्षा सत्यापन" के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल, वीडियो कॉल या संदेश पर भरोसा न करें, संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी की पुष्टि करें और संदेह होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या स्थानीय साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।