कोलकाता : राज्य में नई सरकार के गठन के बाद उद्योगीकरण का मुद्दा फिर चर्चा में है। इसी बीच शनिवार को माकपा ने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के दौर की कृषि को आधार बनाकर उद्योगीकरण की नीति को फिर सामने रखा। साथ ही भाजपा और तृणमूल कांग्रेस का नाम लिए बिना दोनों पार्टियों के खिलाफ व्यापक वाम एकता का आह्वान किया।
बुद्धदेव की पुण्यतिथि पर माकपा की ओर से मुजफ्फर अहमद भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि बुद्धदेव भट्टाचार्य के समय जितने उद्योगीकरण की जरूरत थी, आज उससे कहीं अधिक है। उनका लक्ष्य कृषि की सफलता को मजबूत करते हुए राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना था।
सलीम ने कहा कि बुद्धदेव की उद्योगीकरण की पहल को रोकने के लिए जमीन के सवाल के साथ धार्मिक भावनाओं को भी जोड़ा गया, जिसका असर आज बड़े रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने व्यापक वामपंथी एकता की जरूरत बताते हुए कहा कि नयी पीढ़ी के बीच इस विचार को पहुंचाना होगा।
वामफ्रंट के चेयरमैन विमान बोस ने कहा कि बुद्धदेव भट्टाचार्य बेरोजगारी की समस्या को समझते थे और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत थे। कार्यक्रम में सूर्यकांत मिश्रा, सुजन चक्रवर्ती, मीनाक्षी मुखर्जी, सृजन भट्टाचार्य सहित कई नेता मौजूद रहे।