फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

दुर्गोत्सव से पहले कोलकाता पुलिस अलर्ट, पंडालों और भीड़ प्रबंधन की शुरू हुई तैयारी

पुलिस आयुक्त ने सभी डीसी और डीसी ट्रैफिक को 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट देने का दिया निर्देश

संवेदनशील थीम से लेकर सड़कों की स्थिति तक की होगी समीक्षा

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दुर्गा पूजा 2026 के दौरान महानगर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लालबाजार स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक सभी डिविजनल डीसी और डीसी ट्रैफिक अपने-अपने क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण करेंगे। उन्हें 15 दिनों के भीतर सर्वेक्षण रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

पंडालों में प्रवेश-निकास पर विशेष नजर

रिपोर्ट में प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास संभावित भीड़, श्रद्धालुओं के आवागमन तथा प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। पैदल श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक योजना तैयार की जाएगी।

संवेदनशील और आकर्षक थीम वाले पंडालों की पहचान

पुलिस उन पूजा पंडालों की भी पहचान करेगी, जिनका थीम विवादास्पद या संवेदनशील हो सकता है अथवा जहां विशेष आकर्षण के कारण सामान्य से अधिक भीड़ जुटने की संभावना है। ऐसे स्थानों पर पहले से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की रणनीति तैयार की जाएगी।

सड़कों और बॉटलनेक का होगा सर्वे

पंडालों तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों, संकरी सड़कों और संभावित बॉटलनेक की स्थिति की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा सड़कों पर मौजूद गड्ढों और अन्य अवरोधों को चिह्नित कर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से रोकने के उपाय सुझाए जाएंगे।

पूजा समितियों के विवाद पर भी नजर

पुलिस पूजा समितियों के बीच मौजूद किसी भी आंतरिक विवाद या आपसी रंजिश की जानकारी भी जुटाएगी। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहले से पहचान करने को कहा गया है, ताकि पूजा के दौरान किसी विवाद के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

नए और बंद हुए पंडालों का भी तैयार होगा ब्योरा

सर्वेक्षण के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में इस बार नए बने पूजा पंडालों और बंद हो चुके पंडालों की सूची भी तैयार की जाएगी। साथ ही पिछले दुर्गोत्सव के दौरान सामने आई कमियों की समीक्षा कर उन्हें समय रहते दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

SCROLL FOR NEXT