सन्मार्ग संवाददाताकोलकाता: चोरबागान पूजा मंडप में सप्तमी की रात हुई भगदड़ की घटना में घायल लोगों को अस्पताल से छुट्टी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ईएम बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती घायलों में से सोमवार को नौ मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इसके लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज अब भी जारी है।हादसे के बाद घायलों को सबसे पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 12 लोगों का उपचार चल रहा था। इसके अलावा दो घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बेहतर इलाज के लिए सभी 14 घायलों को ईएम बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
मंगलवार को दो और मरीजों को मिलेगी छुट्टी
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को दो और मरीजों को छुट्टी दिए जाने की संभावना है। हालांकि, आईटीयू, आईसीयू और एसआईसीयू में भर्ती मरीजों को फिलहाल डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। गंभीर हालत में भर्ती तीन मरीजों के स्वास्थ्य पर चिकित्सकों की लगातार नजर बनी हुई है। उनकी स्थिति में सुधार होने पर बुधवार या गुरुवार तक अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है।अस्पताल की ओर से जारी सूची में कुल 14 घायलों के नाम शामिल हैं। इनमें आठ महिलाएं और छह पुरुष हैं। घायलों के नाम रणबीर सिंह, अमनप्रीत सिद्धू, अनन्या दास, सुमित कुमार घोष, श्रीजा पाल, दृश्यानी सरकार, अंकन घोष, ब्रिष्टि डे, सरोज देवी, कुनास हलधर, ऐशिकी रॉय, राजेश कुमार श्रीवास्तव, मन्ना यादव और परना नाथ हैं।
भारी बारिश और भीड़ से बिगड़े हालात
जानकारी के अनुसार, सप्तमी की शाम उत्तर और मध्य कोलकाता में तेज बारिश शुरू हो गई थी। इसके चलते सड़कों पर भारी जाम लग गया और चोरबागान पूजा मंडप में भी लोगों की भीड़ बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए कतार में खड़े कई लोगों ने मंडप के भीतर जाने की कोशिश की। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।बताया जाता है कि भगदड़ के दौरान कई लोग मंडप के भीतर बने गोलाकार रास्ते पर गिर पड़े। पीछे से आ रही भीड़ के दबाव के कारण वहां कुचलने जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 अन्य घायल हुए थे।
स्वास्थ्य में सुधार के आधार पर होगी छुट्टी
भगदड़ में घायल लोगों को चरणबद्ध तरीके से अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। हालांकि, गंभीर मरीजों का उपचार जारी रहेगा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अन्य मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार और चिकित्सकों की सलाह के आधार पर डिस्चार्ज किया जाएगा।