कोलकाता : शहीद दिवस के अवसर पर शहीद मीनार मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली में पार्टी ने 21 जुलाई 1993 पुलिस फायरिंग मामले की नए सिरे से जांच की मांग उठाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि तत्कालीन गृह सचिव मनीष गुप्ता की भूमिका की पुनः जांच होनी चाहिए। उनका आरोप था कि जिस घटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जान गंवाई, उसका बाद के वर्षों में राजनीतिक लाभ उठाया गया, लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला।
रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमिताभ चक्रवर्ती ने कहा कि न्यायमूर्ति सुशांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि 21 जुलाई 1993 का आंदोलन कांग्रेस का था और शहीद भी कांग्रेस कार्यकर्ता थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक इस घटना का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया, जबकि शहीद परिवारों को आयोग की सिफारिशों के अनुरूप न्याय और मुआवजा नहीं मिला।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी पुनः जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि 1993 की घटना की पुनः निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जाए तथा आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया जाए।