कोलकाता : NEET-UG विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP (ककरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में पश्चिम बंगाल कांग्रेस मंगलवार को सड़क पर उतर आई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में लोकभवन (पूर्व राजभवन) के सामने कैंडल मार्च निकाला गया और धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की नेता दीपा दासमुंशी, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश जोशी, विधायक अंबा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गिरफ्तार नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। पार्टी का दावा है कि कार्रवाई के दौरान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।
इससे पहले 21 जुलाई की सभा में भी कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में NEET अभ्यर्थियों और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में युवाओं के अधिकारों तथा पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की लड़ाई जारी रखेगी।