कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनावी चुनौतियों के बीच कांग्रेस ने अपने संगठन को नये सिरे से सजाने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने कई जिलों के अध्यक्षों को हटाकर नये चेहरों को जिम्मेदारी दी है। इसे आगामी उपचुनाव और आने वाले चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। जिला संगठन के द्विखंडित होने के कारण मुर्शिदाबाद के जिलाध्यक्ष मनोज चक्रवर्ती को हटाया गया है। वहीं, लंबे समय से पुरुलिया की कमान संभाल रहे नेपाल महतो का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें हटाया गया। मीडिया प्रभारी और प्रबक्ता मीता चक्रवर्ती को भी कोलकाता दक्षिण की नयी जिम्मेदारी दी गयी है।
नयी नियुक्तियों में बांंकुड़ा में अभिषेक विश्वास, उत्तर दिनाजपुर में तुषारकांति गुहा, पुरुलिया में फणीभूषण कुमार, पूर्व बर्दवान में गौरव समाद्दार, जलपाईगुड़ी में नारायण चंद्र सरकार और हावड़ा ग्रामीण में सुब्रत बेरा को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बसिरहाट में बाबू गाजी और जंगीपुर में अल्फाजुद्दीन विश्वास को जिम्मेदारी मिली है।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मुर्शिदाबाद में है, जहां मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। खास बात यह है कि कांग्रेस ने उन्हें रेजीनगर उपचुनाव का उम्मीदवार भी बनाया है। पार्टी के भीतर इसे महज प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि उपचुनाव से पहले संगठन को चुनावी मोड में लाने और स्थानीय नेतृत्व को सक्रिय करने की रणनीति माना जा रहा है।