अशोकनगर से शुरू हुआ कच्चे तेल का उत्पादन 
कोलकाता सिटी

अशोकनगर तेल क्षेत्र से शुरू हुआ कच्चे तेल का व्यावसायिक उत्पादन

हल्दिया रिफाइनरी भेजी गई पहली खेप

कोलकाता : उत्तर 24 परगना के अशोकनगर स्थित बैगाछी तेल क्षेत्र से आखिरकार कच्चे तेल का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है। ओएनजीसी ने शुक्रवार को उत्पादन की शुरुआत की और करीब 12 हजार लीटर कच्चे तेल की पहली खेप टैंकर के जरिए हल्दिया रिफाइनरी भेजी गई।

इस मौके पर अशोकनगर के भाजपा विधायक सुमय हिरा ने नारियल फोड़कर और हरी झंडी दिखाकर टैंकर को रवाना किया। कार्यक्रम में ओएनजीसी के निदेशक (एक्सप्लोरेशन) ओम प्रकाश सिन्हा समेत कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रोजाना 20 हजार लीटर तेल भेजने का लक्ष्य

ओएनजीसी अधिकारियों के मुताबिक, अशोकनगर का तेल क्षेत्र कोलकाता के केंद्र से करीब 48 किलोमीटर दूर है। फिलहाल यहां दो कुओं से उत्पादन हो रहा है और करीब 20 क्यूबिक मीटर कच्चा तेल प्रतिदिन निकाला जा रहा है।

कंपनी जल्द ही पांच से छह और कुएं खोदने की तैयारी कर रही है। इसके बाद हल्दिया रिफाइनरी को रोजाना करीब 20 हजार लीटर कच्चा तेल भेजने का लक्ष्य रखा गया है।

कुएं से निकलने वाला कच्चा तेल पानी के साथ मिश्रित होता है। इसे सीधे रिफाइनरी भेजने के बजाय पहले सेपरेटर और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद टैंकरों से रिफाइनरी तक पहुंचाया जाता है।

ओएनजीसी के निदेशक ने कहा कि अशोकनगर इलाके में कंपनी को उम्मीद से अधिक तेल मिलने के संकेत हैं और उत्पादन आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद है।

2018 में हुई थी तेल भंडार की खोज

बैगाछी में तेल और गैस के भंडार की खोज वर्ष 2018 में हुई थी। दिसंबर 2020 में तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यहां से प्रायोगिक तौर पर उत्पादित कच्चे तेल की पहली खेप को रवाना किया था।

हालांकि, कोरोना महामारी, जमीन से जुड़े विवाद और तकनीकी समस्याओं के कारण आगे उत्पादन में कई बार रुकावट आई। एक कुएं में तकनीकी दिक्कत के चलते उत्पादन भी रोकना पड़ा था।

बाद में जमीन से जुड़े मुद्दों को काफी हद तक सुलझाने के बाद ओएनजीसी ने दोबारा उत्पादन और खोज का काम तेज किया। इसी दौरान इलाके में अतिरिक्त हाइड्रोकार्बन भंडार होने के संकेत मिले। वर्ष 2020 में प्रायोगिक उत्पादन के दौरान एक कुएं से करीब 375 बैरल कच्चा तेल मिलने की बात सामने आई थी।

विशेषज्ञों ने उस समय अशोकनगर से निकलने वाले कच्चे तेल की गुणवत्ता को मुंबई हाई के तेल के समान बताया था।

स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होने और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वर्षों की देरी और रुकावटों के बाद अशोकनगर में व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत को स्थानीय लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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