कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) को लेकर RSS से जुड़े प्रकाशन ‘स्वस्तिका’ में प्रकाशित एक लेख ने विश्वविद्यालय के मौजूदा माहौल और हालिया घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
लेख में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय के कुछ हिस्सों में कथित तौर पर ‘जिहादी’ और ‘राष्ट्र-विरोधी’ विचारों का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि, ये आरोप लेख में किए गए दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं की गई है।
इंजीनियरिंग और ह्यूमैनिटीज विभागों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने का सुझाव
‘गांव भांगोनेर गान’ शीर्षक से प्रकाशित लेख में राज्य सरकार से इंजीनियरिंग और ह्यूमैनिटीज विभागों को न्यू टाउन समेत अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की गई है। लेख में दावा किया गया है कि इससे परिसर में कथित कट्टरपंथी और विभाजनकारी गतिविधियों के प्रभाव को कम किया जा सकेगा।
लेख में विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग को माओवादी और नक्सली विचारधारा से प्रभावित होने तथा ह्यूमैनिटीज विभाग में वामपंथी विचारों के प्रभाव का आरोप लगाया गया है। साथ ही परिसर में ‘आजाद कश्मीर’ और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
‘होक कोलोरब’ से लेकर ABVP विवाद तक का जिक्र
RSS के प्रकाशन में जादवपुर विश्वविद्यालय के पुराने छात्र आंदोलनों और विवादों को भी मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया है। लेख में 2014 के ‘होक कोलोरब’ आंदोलन और उस दौरान पुलिस कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा 2019 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ विश्वविद्यालय परिसर में हुई घटना का भी जिक्र किया गया है।
वहीं, हाल के दिनों में विश्वविद्यालय में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच टकराव, दीवारों पर एक-दूसरे के विरोध में लिखे जा रहे नारों और राजनीतिक गतिविधियों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। शनिवार को ABVP की JU इकाई ने परिसर की दीवारों पर ‘Free PoK’, ‘पीओके को आजाद करो’, ‘अक्साई चिन को आजाद करो’,‘अखंड भारत’,‘ JU को फिर से राष्ट्रवादी बनाओ’ जैसे नारे लिखे।
लेख में विश्वविद्यालय में बदलाव की जरूरत बताते हुए ‘राष्ट्र-विरोधी’ गतिविधियों और वामपंथी प्रभाव को खत्म करने की बात कही गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने जादवपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक स्वतंत्रता, कैंपस की राजनीति और वैचारिक टकराव को लेकर बहस फिर तेज कर दी है। विश्वविद्यालय ने हाल की घटनाओं की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग भी गठित किया है।