फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

श्यामा प्रसाद-प्रणवानंद की लड़ाई नहीं होती तो हमारी हालत भी चिन्मय कृष्ण जैसी होती!

गणेश पूजा पंडाल के उद्घाटन के दौरान सीएम ने कहा

Deepak Mishra

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और प्रणवानंद ने बंगाली हिंदुओं के लिए संघर्ष नहीं किया होता, तो आज यहां के हिंदुओं की स्थिति भी चिन्मय कृष्ण प्रभु जैसी हो सकती थी। शनिवार को केष्टोपुर में गणेश पूजा के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की स्थिति और चिन्मय कृष्ण प्रभु के मामले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चिन्मय कृष्ण की आंखों से छलके आंसुओं ने सनातन समाज को झकझोर दिया है। सीएम ने देश विभाजन के दौर को याद करते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी और प्रणवानंद के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के कारण बंगाल का एक हिस्सा भारत में शामिल हुआ और यहां के हिंदुओं को अपनी पहचान, संस्कृति तथा परंपरा के साथ रहने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल में ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि बंगाली हिंदुओं की सांस्कृतिक विरासत और अपनी मातृभूमि से जुड़े गौरव की रक्षा करना जरूरी है। सीएम के मुताबिक, देश विभाजन की परिस्थितियों को देखते हुए यह समझना जरूरी है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और प्रणवानंद का संघर्ष बंगाली हिंदुओं के लिए कितना महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा कि अगर उनका संघर्ष नहीं होता, तो यहां के हिंदुओं को भी आज चिन्मय कृष्ण प्रभु जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता था।

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