WBCS अधिकारियों के साथ बैठक में प्रशासनिक निष्पक्षता पर दिया जोर
सीएम ने पिछली सरकार की कार्यशैली पर साधा निशाना
दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य के पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (WBCS) अधिकारियों के साथ अपनी पहली औपचारिक बैठक में प्रशासनिक निष्पक्षता, सुशासन और पेशेवर कार्यसंस्कृति को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी सरकार प्रशासन का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं करेगी और अधिकारियों को कभी राजनीतिक कार्यकर्ता बनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपका इस्तेमाल नहीं करूंगा। मैं आपको चुनाव में राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं बनाऊंगा।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन को भय, दबाव और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर केवल जनता के हित में काम करना चाहिए। बैठक के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन में प्रशासनिक अनुशासन पूरी तरह कमजोर हो गया था और कई अधिकारियों को राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप काम करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को फिर से पेशेवर और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों के सम्मान और पेशेवर माहौल पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी पेशेवर क्षमता, वरिष्ठता और सेवा संबंधी अधिकारों का पूरा सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी का सार्वजनिक रूप से अपमान करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा नहीं है। उनके अनुसार, प्रशासन और सरकार के बीच स्वस्थ एवं सम्मानजनक संबंध ही बेहतर शासन की आधारशिला है। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी सुब्रत गुप्ता का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उन्हें प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर वापस लाया गया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के दौरान उन्हें राज्य छोड़कर दिल्ली जाने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि अब उन्हें मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार बनाया गया है।