सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, हावड़ा आयुक्तालय के एंटी-इवेज़न यूनिट के अधिकारियों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कई फर्जी जीएसटी इकाइयों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आईटीसी का लाभ उठाया जा रहा था और उसे आगे पास किया जा रहा था।
जारी जांच के क्रम में 21 अप्रैल 2026 को एंटी-इवेज़न यूनिट, सीजीएसटी एवं सीएक्स, हावड़ा आयुक्तालय के अधिकारियों ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि फर्जी आईटीसी के खिलाफ अभियान में हावड़ा आयुक्तालय लगातार सक्रिय रहा है और पिछले दो महीनों में यह तीसरी गिरफ्तारी है।
जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित इकाई बिना किसी वास्तविक माल की प्राप्ति के ही फर्जी तरीके से आईटीसी का लाभ उठा रही थी, जो जीएसटी कानून के प्रावधानों का उल्लंघन है। अधिकारियों द्वारा घोषित प्रधान व्यवसाय स्थल के सत्यापन में बड़े पैमाने पर कर चोरी का मामला सामने आया, जिसमें फर्जी आईटीसी के जरिए राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
जीएसटी रिटर्न और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच में यह भी पाया गया कि उक्त इकाई ने विभिन्न फर्जी संस्थाओं के माध्यम से लगभग 19 करोड़ रुपये का आईटीसी बिना वास्तविक लेन-देन के प्राप्त किया।
जांच में एकत्रित साक्ष्यों और बड़े पैमाने पर कर चोरी को देखते हुए संबंधित व्यक्ति को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत गिरफ्तार किया गया है, जो दंडनीय अपराध है।
फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है। अधिकारियों द्वारा इस फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और इससे संबंधित अन्य फर्जी इकाइयों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।