कोलकाता : गांधी जयंती के अवसर पर सामाजिक संस्था ‘कंसर्न फॉर कलकत्ता’ ने प्लास्टिक कैरी बैग के इस्तेमाल के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। संस्था ने लोगों से प्लास्टिक के बजाय कपड़े और जूट से बने पर्यावरण-अनुकूल बैग इस्तेमाल करने की अपील की।
अभियान के दौरान कंसर्न फॉर कलकत्ता के प्रेसिडेंट नारायण जैन ने कहा कि प्लास्टिक कैरी बैग पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या हैं। इनके कारण नालियां जाम होती हैं और पशुओं के लिए भी खतरा पैदा होता है, क्योंकि कई बार वे प्लास्टिक को खा लेते हैं।
कार्यक्रम के कन्वेनर के.एस. अधिकारी ने बताया कि संस्था विभिन्न बाजारों के बाहर जागरूकता शिविर लगा रही है। अभियान के तहत अब तक करीब 2,50,000 कपड़े और जूट के बैग लोगों के बीच वितरित किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा देना और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस अभियान में समीर दत्त, पुष्पा अग्रवाल, लेखा शर्मा, के.एन. गुप्ता, एस.के. सुल्तानिया, देबाश्री डेमाकर, प्रज्ञा झुनझुनवाला, सुजाता ठाकर, अरुंधति मुखर्जी, अन्नपूर्णा मिश्रा, के.सी. तिवारी, पी.एल. शाह, श्रीनारायण झा, जे.के. शर्मा, आशीष कुमार, अशोक कुमार झा, एच.एम. बच्छावत, रमाकांत सुरेलिया,
जगत बैद, ए.सी. बैद, ए.के. मित्रा, सुशांत सेन, प्रकाश पारख, रमेश सोवसारिया, बिभास माइती, रमेश जे. सेठ, रमेश महाजन, पृथ्वीपाल सिंह छाबड़ा, संजीव शर्मा और सुब्रत सिन्हा सहित संस्था के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग किया।
गोल्डएक्स पेन के डायरेक्टर जे.पी. अग्रवाल ने अभियान की सराहना करते हुए अपनी कंपनी की ओर से 5,000 बैग स्पॉन्सर करने का भरोसा दिलाया। अभियान के आयोजकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक भागीदारी का महत्वपूर्ण प्रयास बताया।