कोलकाता : कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शुक्रवार को आरडीबी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कोलकाता में "लेबर कोड्स: कॉमन पिटफॉल्स एंड सेफगार्ड्स" विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट अधिकारियों, वित्त विशेषज्ञों और मानव संसाधन (एचआर) पेशेवरों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए श्रम कानूनों (लेबर कोड्स) के बदलते स्वरूप, उनसे जुड़ी चुनौतियों तथा अनुपालन (कॉम्प्लायंस) के प्रभावी उपायों पर विस्तृत चर्चा करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनंत साहारिया ने कहा कि चैंबर अपने सदस्यों को समय-समय पर ऐसे ज्ञानवर्धक मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे उद्योग जगत नियामकीय परिवर्तनों के प्रति जागरूक, तैयार और कानूनों के अनुरूप कार्य कर सके।
उन्होंने कहा कि मजबूत अनुपालन व्यवस्था रखने वाले संस्थानों को भी वेतन की नई परिभाषा, कर्मचारियों के वर्गीकरण, सामाजिक सुरक्षा दायित्वों, कार्य परिस्थितियों, संविदा कर्मचारियों तथा अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों से जुड़े प्रावधानों के कारण नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आगाह किया कि छोटी-सी चूक भी भारी वित्तीय दायित्व, परिचालन संबंधी बाधाएं और अनावश्यक कानूनी विवादों का कारण बन सकती है। इसलिए समय रहते जानकारी रखना और तैयारी करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र को सिलीगुड़ी के श्रम कानून विशेषज्ञ सीए विवेक अग्रवाल ने संबोधित किया। उन्होंने नए लेबर कोड्स के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन सामान्य त्रुटियों की जानकारी दी, जिनसे संस्थानों को बचना चाहिए। उन्होंने बदलते नियामकीय वातावरण में वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक उपायों और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी।
संवादात्मक सत्र के दौरान सीए अग्रवाल ने सक्रिय अनुपालन, सटीक दस्तावेजीकरण, समय पर वैधानिक फाइलिंग तथा आंतरिक प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए लेबर कोड्स के प्रमुख प्रावधानों और विभिन्न उद्योगों में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग को सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम में चैंबर के सदस्यों, कॉर्पोरेट अधिकारियों, वित्त विशेषज्ञों और एचआर पेशेवरों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग जगत नए श्रम कानूनों को समझने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति गंभीर और जागरूक है।
सत्र का समापन प्रश्नोत्तर कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को श्रम कानूनों के अनुपालन और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर स्पष्ट और उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। अंत में चैंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए वक्ता के ज्ञानवर्धक व्याख्यान और सभी प्रतिभागियों के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।