सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बालू भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार कोलकाता के व्यवसायी अरुण सराफ को शुक्रवार को अदालत (बिचार भवन) में पेश किया गया। अरुण इस समय ईडी की हिरासत में हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के वकील अरिजीत चक्रवर्ती ने आरोपी व्यवसायी की पाँच दिन की ईडी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया। जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। हालांकि, अरुण की तरफ से लिखित रूप में जमानत की कोई अर्जी दाखिल नहीं की गई थी।
अदालत में ईडी के वकील ने दावा किया कि “एक व्यक्ति के लिए इतना कुछ करना संभव नहीं है। और कौन-कौन इसमें शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।” अरुण की ईडी हिरासत के दौरान बालू के स्टॉक की मिलान करने के लिए 13 जगहों पर तलाशी ली गई। लेकिन पाया गया कि वास्तविक बालू के स्टॉक और कागज़ों पर दर्ज आंकड़ों में भारी गड़बड़ी है।
ईडी के वकील ने यह भी बताया कि आरोपी व्यवसायी अरुण के कर्मचारियों से पूछताछ की गई है। उनका कहना है कि पैसों का लेन-देन अरुण ही करते थे और वही पूरे मामले के लाभार्थी थे। इसके बाद ईडी के वकील ने कहा कि आगे की जांच के लिए कुछ दस्तावेज़ों के आधार पर अरुण से और पूछताछ करना आवश्यक है। ईडी विभिन्न स्थानों पर जाकर बालू के स्टॉक की जांच कर रही है। जांच के हित में अरुण को ईडी की हिरासत में रखना ज़रूरी है—ऐसा भी केंद्रीय एजेंसी की ओर से कहा गया।
दूसरी ओर, व्यवसायी के वकील अयन भट्टाचार्य ने कहा, “हमने मौखिक रूप से जमानत की अर्जी दी है।” गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में ईडी ने उसे बालू तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था। अरुण पर 78 करोड़ रुपये की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप है।
शहर की एक नामी माइनिंग (खनन) कंपनी में अरुण ऊँचे पद पर हैं। ईडी का दावा है कि बालू से जुड़े लगभग 78 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार में वे शामिल हैं। एजेंसी का यह भी कहना है कि व्यवसायी के पास से लाखों रुपये बरामद हुए हैं और पर्याप्त सबूत भी मिले हैं।