सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राजेंद्र खंडेलवाल, धनवंतरि समूह ने कहा कि हर वर्ष की तरह, आम बजट का पर्व भी आ गया। घर की महिलाएं, बहू बेटियां कह रही हैं - मोदी जी इस बार बजट में कुछ ऐसा हो कि, हम शान से कह सके, हमें भारतीय होने पर गर्व है। अमेरिका, नाटो देश समूह, जापान, चीन, सारे देशों में अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है। भारत की अर्थव्यवस्था पुरे विश्व केलिए एक आशा का दीपक है।
भारत का किसान कैसे विकसित भारत का भागीदार बने, आज का युवा कैसे MSME, Startup, AI एवं डिजिटल इकोनामी का हिस्सा कैसे बने ? शिक्षा व्यवस्था खास बनाकर उच्च शिक्षा में आमूल चूक परिवर्तन की जरूरत है ताकि लाखों होनहार युवक देश में ही उच्च शिक्षा पाकर, अपना हुनर दिखा सकें।
केवल इकोनामिक सर्वे एवं जीडीपी आंकड़ों से अब मन नहीं बहलने वाला, गांव खलिहान का युवक हाथ का काम एवं नौकरी चाहता है। इससे पहले कि उनके दिलों दिमाग में कोई देशद्रोह का जहर भरें, अग्निवीर जैसी कुछ उच्च कोटि की ट्रेनिंग का कार्यक्रम बनाइये। नई एजुकेशन पॉलिसी ठीक है किन्तु अच्छे शिक्षक तैयार करने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। जो मां-बाप अपने बच्चों को स्कूल न भेजें, उनको सरकारी योजनाओं के लाभ क्यों मिले ? रोजमर्रा की जरूरत के उत्पाद सिर्फ भारत में ही उच्च कोटि के बनने चाहिए। आम इंसान के लिए रोटी, कपड़ा, मकान एवं शिक्षा व्यवस्था विशुद्ध भारतीय ही हो। पूरे भारत में शिक्षा बोर्ड एक बने एवं उच्च शिक्षा हेतु NEET जैसी व्यवस्था हो।