कोलकाता : राज्यसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा ने राज्य से अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को उम्मीदवार घोषित कर सियासी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। पार्टी का यह फैसला संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ को ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है। राहुल सिन्हा पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं और भाजपा की राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। उन्होंने लंबे समय तक प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। राज्य में भाजपा की शुरुआती मजबूती से लेकर जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा करने तक, सिन्हा लगातार सक्रिय रहे हैं। उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राहुल सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का शुक्रिया अदा करता हूं। यह नामांकन सिर्फ मेरी मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता की कड़ी मेहनत का परिणाम है। यह सम्मान उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो चुपचाप संगठन के लिए काम करते रहे हैं। मैं संसद में ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने का वादा करता हूं। भाजपा नेता ने आगे कहा कि वे राज्यसभा में पश्चिम बंगाल की “वास्तविक तस्वीर” देश के सामने रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए विपक्ष पर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा इसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन होगा और राज्य नई दिशा में आगे बढ़ेगा। मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है। पार्टी ने पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी, अभिनेत्री कोयल मल्लिक और मंत्री बाबुल सुप्रियो को मैदान में उतारा है।