प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य सरकार के वित्त विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब से बिना निर्धारित मद में बजट आवंटन के किसी भी बिल को ट्रेजरी या पीएओ स्वीकार नहीं करेंगे। वित्त विभाग के ऑडिट ब्रांच द्वारा शुक्रवार को जारी इस निर्देश में कहा गया है कि प्रशासनिक विभाग और कंट्रोलिंग ऑफिसर यह सुनिश्चित करें कि आवंटित धनराशि का समय पर उप-आवंटन डीडीओ (आहरण एवं वितरण अधिकारी) को किया जाए।
यह प्रक्रिया आईएफएमएस (IFMS) के ई-बंटन मॉड्यूल के माध्यम से की जाएगी। विभाग का मानना है कि यदि उप-आवंटन की प्रक्रिया समय पर और सही तरीके से की जाती है, तो अतिरिक्त फंड की मांग या आकस्मिक धन निकासी की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे वित्तीय प्रबंधन अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगा। हालांकि, इस नियम से कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को छूट दी गई है। इनमें वेतन भुगतान, स्वास्थ्य सेवाएं और कुछ आवश्यक प्रशासनिक कार्य शामिल हैं, जिन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।