कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से बड़े बजट वाली दुर्गापूजा समितियों से सरकारी अनुदान नहीं लेने की अपील के बाद कोलकाता की कई प्रमुख पूजा समितियों ने इस राशि से दूरी बनाने का फैसला किया है।
मंगलवार को शहर की सात चर्चित पूजा समितियों ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की कि वे इस वर्ष एक लाख रुपये की सरकारी सहायता के लिए आवेदन नहीं करेंगी।
राजडांगा नब उदय संघ देगा राहत कोष में एक लाख
सात प्रमुख पूजा समितियों में शामिल राजडांगा नब उदय संघ ने सरकारी सहायता लेने के बजाय मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये दान करने का निर्णय लिया है। संस्था की चेयरपर्सन एवं भाजपा प्रवक्ता केया घोष ने इसकी जानकारी दी।
वहीं अनुदान ना लेने वाली अन्य प्रमुख समितियों में संतोषपुर लेक पल्लि, ताला प्रत्यय, चोरबागान सार्वजनिन, नाकतल्ला उदयन संघ, संतोष मित्र स्क्वायर और फूलबागान सार्वजनिन शामिल हैं।
संतोष मित्र स्क्वायर के आयोजक एवं बरानगर से भाजपा विधायक सजल घोष ने भी कहा कि समिति पहले से ही सरकारी सहायता स्वीकार नहीं करती रही है और इस वर्ष भी यह परंपरा जारी रहेगी। संतोषपुर लेक पल्लि ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए अनुदान नहीं लेने की बात कही।
बड़े बजट वाली पूजा को अनुदान से बाहर रखने की अपील
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को दुर्गापूजा आयोजकों के साथ बैठक में कहा था कि सरकार इस वर्ष प्रत्येक पूजा समिति को एक लाख रुपये का मानदेय देगी, जबकि पिछली सरकार में यह राशि 1.10 लाख रुपये थी।
साथ ही उन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम और बड़े बजट वाली समितियों से राशि नहीं लेने की अपील की तथा कहा कि सीमित बजट वाली पूजा समितियां सरकारी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
इसके तहत अनुदान लेने की इच्छुक समितियों को अपने संबंधित थानों के माध्यम से आवेदन करना होगा, जिसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा आवेदनों की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरकारी सहायता भेजी जाएगी।