कोलकाता : सोमवार की सुबह एक रूटीन पुलिस छापेमारी के दौरान अचानक पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया। बिधाननगर पुलिस की टीम दो वांछित चोरों को गिरफ्तार करने पहुंची थी, लेकिन स्थानीय भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस घटना में 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि एक पुलिस वाहन को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना टेंगरा थानांतर्गत डीसी दे रोड पर सुबह करीब 10 बजे की है। हमले में घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल से प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार विधाननगर साउथ और नॉर्थ पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि दो अलग-अलग चोरी के मामलों में वांछित सूरज दास उर्फ चिकना और जुमराती नामक आरोपित इलाके में छिपे हैं। पुलिस ने दोनों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कंपाउंड से बाहर निकलते समय स्थिति बिगड़ गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के कुछ ही मिनट बाद महिलाओं के एक समूह ने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि छापेमारी के दौरान एक स्थानीय युवक घायल हो गया। पहले तो यह मौखिक विरोध था, लेकिन देखते-ही-देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। हिंसा तब और भड़क गई जब भीड़ ने पुलिस पर मुक्के, लात, ईंटें और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। एक पुलिस वाहन में तोड़-फोड़ की गयी। स्थिति बेकाबू देख पुलिसकर्मी गिरफ्तार आरोपितों को लेकर एक ही गाड़ी में सवार होकर किसी तरह हमलों के बीच इलाके से निकलने में सफल रहे। विधाननगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने इसे सरकारी काम में बाधा और पुलिस को डराने की सुनियोजित साजिश करार दिया है। घायल पुलिसकर्मियों का विधाननगर सब-डिविजनल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने टेंगरा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला, कार्य में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं, जो सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों से हमलावरों की पहचान कर रही हैं। दूसरी ओर, इलाके की कुछ महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।