कोलकाता सिटी

बंगाल विकास के साथ विश्व को विचार देने वाला राज्य बने : श्री ओम बिरला

प्रवासी राजस्थानी समाज उद्योग, रोजगार, संस्कृति और सेवा के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण में निभाता रहे अग्रणी भूमिका राजस्थान फोरम के 'मीट एंड ग्रीट' समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ने की बंगाल की सांस्कृतिक एवं वैचारिक विरासत की सराहना

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल सदैव नवाचार, वैचारिक क्रांति और सांस्कृतिक चेतना की भूमि रहा है। इस धरती ने विश्व पटल पर 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया है। बंगाल केवल आर्थिक विकास का ही नहीं, बल्कि विश्व को नई सोच, नई चेतना और नए विचार देने वाला राज्य बने। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक, वैचारिक और आध्यात्मिक परंपरा के बल पर बंगाल एक बार फिर देश और दुनिया में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में बंगाल पुनः अपनी उसी ऐतिहासिक गरिमा को प्राप्त करेगा। यह प्रदेश केवल विकास ही नहीं करेगा, बल्कि विश्व को नई दिशा देने वाले विचारों का भी केंद्र बनेगा।" यह विचार लोकसभा के माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने शुक्रवार को राजस्थान फोरम द्वारा आईटीसी सोनार के पैन एशिया में आयोजित उनके सम्मान में आयोजित गरिमामय 'मीट एंड ग्रीट' समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

मंच पर माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राजस्थान फोरम के सह-सभापति एवं प्रख्यात उद्योगपति श्री एच. एम. बांगड़ तथा राजस्थान फोरम के संस्थापक संदीप भूतोड़िया विराजमान थे।

स्वागत समारोह के अंतर्गत राजस्थान फोरम की ओर से प्रख्यात उद्योगपति एवं सह-सभापति एच. एम. बांगड़ ने माननीय लोकसभा अध्यक्ष को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके उपरांत राजस्थान फोरम के संस्थापक, संस्कृतिकर्मी एवं लेखक संदीप भूतोड़िया ने उन्हें गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कालजयी कृति 'गीतांजलि' की प्रति सम्मान-स्वरूप भेंट की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा शहीद स्वराज फाउंडेशन के नेशनल ऑर्गेनाइजिंग जनरल सेक्रेटरी श्री प्रवेश खन्ना ने उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री सच्चिदानन्द पारिख ने किया।

इस भव्य सम्मान समारोह में श्री ओम बिरला ने कहा कि भारतवासी विश्व के किसी भी कोने में गए हों, उन्होंने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और संस्कारों को कभी नहीं भुलाया। इसी प्रकार प्रवासी राजस्थानी समाज ने भी सेवा, समर्पण, परिश्रम और त्याग की भावना के साथ जहां भी कार्य किया, वहां अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों जहां भी गए उन्होंने सदैव सत्यनिष्ठा, नैतिक मूल्यों और कठोर परिश्रम के आधार पर व्यापार एवं उद्योग जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है तथा भविष्य में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते रहेंगे।

श्री बिरला ने कहा कि बंगाल की धरती ने विचार, संस्कृति, नवाचार और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। इस भूमि ने 'वंदे मातरम्' की अमर भावना से लेकर गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर, राजा राममोहन राय सहित अनेक महान विभूतियों को जन्म दिया, जिन्होंने राष्ट्र और समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि एक बार फिर बंगाल में वैसा ही सृजनात्मक, सांस्कृतिक और बौद्धिक वातावरण विकसित हो तथा यह प्रदेश उद्योग-धंधों के साथ-साथ नई तकनीक, साहित्य, विचार और आध्यात्मिक चेतना का भी अग्रदूत बने। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई सरकार जनता के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करते हुए जन-जन की आवाज़ बनेगी।

राजस्थान फोरम के कार्यों की सराहना करते हुए श्री बिरला ने इसके संस्थापक एवं संस्कृतिकर्मी श्री संदीप भूतोड़िया के सांस्कृतिक योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने राजस्थान फोरम के सह-सभापति एवं प्रख्यात उद्योगपति श्री एच. एम. बांगड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लाखों लोगों के लिए रोजगार सृजित कर रहे हैं। उन्होंने सभी उद्योगपतियों और समाजसेवियों का आह्वान किया कि वे सेवा, त्याग और राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य करते रहें, ताकि भारत निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए पुनः 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश विश्व को दे सके।

इसके पश्चात विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने माननीय लोकसभा अध्यक्ष का अभिनंदन करते हुए राष्ट्रजीवन, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जनसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त किया।

इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला का अभिनंदन एवं सम्मान किया। इनमें इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन (वेस्ट बंगाल) के राज्य सभापति श्री सुशील चौधरी; प्रेम मिलन, कोलकाता के संस्थापक श्री चंद्रकांत सराफ, श्री राजकुमार शर्मा, श्री विशाल सराफ, श्री विकास सराफ एवं श्री नितीश चौधरी; राजस्थान विकास परिषद के अध्यक्ष श्री राजकुमार शर्मा, उपाध्यक्ष श्री पवन ओझा एवं श्री दिनेश बिहानी, सह सचिव श्री संजय जैन एवं श्री रवि वर्मा तथा कोषाध्यक्ष श्री अशोक भादाणी उपस्थित थे।

श्री बड़ाबाजार लोहापट्टी सेवा समिति के सभापति श्री दिनेश कुमार बिहानी, मंत्री श्री गोविंद रांधड़, सह सचिव श्री विजय दारुका तथा समन्वयक श्री संजय जैन एवं श्री शिव कुमार कनोई; माहेश्वरी सभा के सभापति बुलाकीदास मीमाणी एवं मंत्री श्री अशोक चांडक; श्री माहेश्वरी सेवा समिति के उपाध्यक्ष श्री दिनेश कुमार बिहानी एवं मंत्री श्री अरुण कुमार सोनी; मानिकतल्ला चालता बागान लोहापट्टी दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष श्री अशोक जायसवाल एवं मंत्री श्री राजेश जायसवाल; सुजानगढ़ नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष श्री दिलीप लाहोटी, श्री मनोज गाड़ोदिया, मंत्री आदित्य कोठारी, सहमंत्री विकास झंवर एवं श्री सुशील कोठारी; 'सत्य सर्वदा' हिन्दी पाक्षिक के संपादक श्री सुरेश कुमार भुवालका एवं उपसंपादक श्रीमती ममता भुवालका; जय श्री श्याम सेवा संघ के श्री मनोज कुमार खेमका उपस्थित थे।

श्री श्याम सुंदर सराफ, श्री निर्मल कानोड़िया, श्री संजय सराफ एवं श्री निखिल शर्मा; श्री श्याम मंदिर, घुसुड़ीधाम के श्री सुरेंद्र अग्रवाल, श्री कपिल अग्रवाल, श्री किशन कासुका, श्री राधेश्याम टिबड़ेवाल, श्री वरुण अग्रवाल, श्री आदर्श सुल्तानिया एवं श्री देवेंद्र कासुका (मंदिर के स्थापना काल से मीडिया प्रभारी श्री सुरेश भुवालका का विशेष उल्लेख किया गया); मारवाड़ी युवा मंच (हावड़ा शाखा) के श्री गोविंद टिबड़ेवाल, श्री बिनोद माहेश्वरी, श्री मनोज गोयल एवं श्री रोहित सरावगी; श्री सालासर बालाजी सेवक वृंद, बांधाघाट के मुख्य संरक्षक श्री संदीप गुप्ता, श्री नरेंद्र सरावगी, श्री राजेश अग्रवाल, श्री अभीक अग्रवाल, श्री दीपक सोनकर एवं श्री विश्वनाथ राय; तथा अन्य अनेक सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके उपरांत आयोजित हाई टी के दौरान कोलकाता में निवासरत प्रवासी राजस्थानी समाज, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों ने अनौपचारिक संवाद एवं परस्पर विचार-विमर्श के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सरोकारों पर अपने विचार साझा किए।

भव्य सम्मान समारोह में उद्योग, व्यापार, समाजसेवा, संस्कृति और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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