BSF jawans patrolling 
कोलकाता सिटी

बंगाल: सीमा सुरक्षा के लिए BSF को सौंपी गई 1,024.75 एकड़ भूमि

नौ सीमावर्ती जिलों में 172.6 किमी क्षेत्र में होगी कंटीले तारों की फेंसिंग

कोलकाता : भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सीमा पर कंटीले तारों की फेंसिंग का कार्य तेज करने के लिए अब तक 1,024.75 एकड़ भूमि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके साथ ही राज्य के नौ सीमावर्ती जिलों में 172.6 किलोमीटर लंबे सीमा क्षेत्र में फेंसिंग और अन्य सुरक्षा अवसंरचना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ''एक्स'' पर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और सीमाओं को अभेद्य बनाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर आवश्यक फेंसिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने के उद्देश्य से बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है, ताकि अवैध घुसपैठ, तस्करी तथा अन्य सीमा-पार गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 337 एकड़ भूमि मुर्शिदाबाद जिले में हस्तांतरित की गई है। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 241.03 एकड़, मालदा में 176.78 एकड़, कूचबिहार में 135.33 एकड़ तथा नदिया में 95.11 एकड़ भूमि बीएसएफ को सौंपी गई है। इसके अलावा दक्षिण दिनाजपुर, उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में भी आवश्यक भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

राज्य सरकार का कहना है कि भूमि संबंधी बाधाओं के कारण भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में वर्षों से फेंसिंग का कार्य अधूरा पड़ा था। अब यह बाधा दूर होने से सीमा सुरक्षा संबंधी परियोजनाओं में तेजी आएगी और अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ हो सकेगी।

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