बारुईपुर थाने की तस्वीर 
कोलकाता सिटी

बारुईपुर थाने में विशेष सेल की शुरुआत, महिलाओं की सुरक्षा और साइबर ठगी पर कसा शिकंजा

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बारुईपुर थाने में विशेष सेल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत थाने में महिलाओं के लिए अलग महिला हेल्प डेस्क और साइबर अपराध से निपटने के लिए एक विशेष साइबर सेल का गठन किया गया है। इन नई सेवाओं का उद्घाटन बारुईपुर पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पिनाकी दत्त ने किया।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पिनाकी दत्त ने बताया कि मौजूदा समय में महिलाओं से जुड़े अपराध और साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आम लोगों, खासकर महिलाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत बारुईपुर थाने में महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है, जहां महिलाएं सीधे महिला पुलिस अधिकारियों से अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव साझा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाएं पुरुष पुलिस अधिकारियों से अपनी बात कहने में संकोच करती हैं, जिसे दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए थाने में एक अलग साइबर सेल की स्थापना की गई है। बारुईपुर थाने के आईसी अर्द्धेंदुशेखर दे सरकार ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में समय की भूमिका बेहद अहम होती है। यदि ठगी के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराई जाए तो ठगी की गई रकम को वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से यह साइबर डेस्क शुरू किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा और शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इस मौके पर पुलिस ने अपनी सक्रियता का उदाहरण भी पेश किया। मंगलवार को पिछले कुछ महीनों में चोरी या गुम हुए लगभग 25 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे गए। इसके अलावा, हाल ही में साइबर ठगी का शिकार होकर लाखों रुपये गंवाने वाली एक युवती को भी पुलिस की तत्पर कार्रवाई से बड़ी राशि वापस दिलाई गई। बारुईपुर पुलिस की इस नई पहल से इलाके के लोगों में संतोष और भरोसा देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला हेल्प डेस्क और साइबर सेल की शुरुआत से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी और मजबूत होगा।

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